Bharmour. भरमौर। देश की प्रसिद्ध धार्मिक यात्रा मणिमहेश से पहले भरमौर नेशनल हाई-वे के बग्गा तक की सडक़ को चकाचक करने का दावा हवा में झूल रहा है। पिछले करीब दो सप्ताह से हाई-वे पर कोलतार डालने का काम ठप पड़ा हुआ है। इसके चलते स्थानीय लोग भी एनएच प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहे हैं। चूंकि 16 अगस्त से अधिकारिक तौर पर मणिमहेश यात्रा शुरू हो रही है, लेकिन 40 किलोमीटर हिस्से में से अभी तक 15 किलोमीटर पर ही तारकोल डाली गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मौजूदा समय में बग्गा से ढकोग तक की सडक़ के हिस्से पर सफर बेहद जोखिम भरा है और गड्ढों के बीच गाडिय़ां भी जबाव दे जा रही है।
लोगों का कहना है कि भरमौर से खड़ामुख तक की सडक़ पर कोलतार डालने का काम युद्धस्तर पर हुआ, लेकिन इसके बाद अचानक से काम ठप पड़ गया। इसके बाद लोगों ने ही मामले को मीडिया के माध्यम से उठाया तो संबंधित ठेकेदार ने कार्य को आरंभ कर दिया। लिहाजा भरमौर से ढकोग तक कोलतार डालने के बाद फिर अचानक से काम ठप पड़ गया है। लोगों का कहना है कि ठेकेदार की मशीनरी सडक़ किनारे खड़ी हुई है और काम कब शुरू होगा, इसको लेकर जबाव देने वाला कोई नहीं है। बता दें कि कंेद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय उच्च मार्ग के लिए सडक़ के रखरखाव व कोलतार बिछाने के लिए एक निजी कंपनी को 35 करोड़ से अधिक का टेंडर आबंटित किया है। इस टेंडर के तहत बग्गा से लेकर भरमौर तक सडक़ का रखरखाव और कोलतार बिछाने का काम किया जाना था।