बच्चा चोरी गैंग पकड़ा, दिवाली पर 3.50 लाख की डील नाकाम

छानबीन

Update: 2025-10-19 16:13 GMT
Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश। दिवाली से पहले एक बड़े बच्चे चोरी रैकेट का पर्दाफाश पुलिस ने किया है। आरोपी दिवाली पर मोटा मुनाफा कमाने के लिए मासूम बच्चे को बेचने की फिराक में थे। सदर बाजार थाना और मिशन शक्ति टीम की सतर्कता ने आरोपी गिरोह की योजना पर पानी फेर दिया। पुलिस ने छापेमारी कर छह आरोपियों को गिरफ्तार किया और एक नाबालिग को हिरासत में लिया। उनके कब्जे से एक वर्षीय बालक अनिकेत को सकुशल बरामद किया गया। घटना 14 अक्टूबर की रात की है। खलासी लाइन में रहने वाले मजदूर विनोद कुमार और उनकी पत्नी अपने एक साल के बेटे अनिकेत के साथ फुटपाथ पर सो रहे थे। सुबह जागने पर माता-पिता ने पाया कि उनका बच्चा गायब है। गरीब परिवार की चीख-पुकार सुनकर इलाके में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी और उसी दिन अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
एसएसपी सहारनपुर आशीष तिवारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बच्चे की सकुशल बरामदगी के लिए विशेष टीम का गठन किया। टीम में एसपी सिटी, मिशन शक्ति टीम और सर्विलांस यूनिट को लगाया गया। पुलिस ने मुखबिर तंत्र और सर्विलांस की मदद से लगातार चार दिन तक छानबीन की। 19 अक्टूबर को पुलिस को सफलता मिली, जब मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ संदिग्ध लोग खंडहर पड़े रेलवे क्वार्टर में बच्चे के साथ मौजूद हैं। पुलिस टीम ने तुरंत छापेमारी की और मौके से छह आरोपियों — गोपाल, अंकुश, सलमान, प्रीति, दीपा और नैना — को गिरफ्तार किया। इसके अलावा एक नाबालिग को हिरासत में लिया गया। छानबीन में पता चला कि आरोपी दिवाली से पहले 3 लाख 50 हजार रुपये में बच्चे की बिक्री की योजना बना रहे थे और डील फाइनल करने के लिए उसी स्थान पर जमा हुए थे।
पुलिस ने बताया कि यह गिरोह गरीब परिवारों को निशाना बनाता था, विशेषकर उन लोगों को जो फुटपाथ या अस्थाई झुग्गियों में रहते हैं और जहां सीसीटीवी कैमरे नहीं होते। गिरोह पहले इलाके की रेकी कर चुका था और रात के अंधेरे में मासूम को उठा ले गया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई के बाद बच्चे को सुरक्षित माता-पिता के पास लौटाया गया। बच्चा अपनी मां को देखकर फूट-फूटकर रोने लगा। एसएसपी आशीष तिवारी ने कहा, "दिवाली के मौके पर इससे बड़ा तोहफा कुछ नहीं हो सकता कि किसी मां की गोद फिर से रोशनी से भर जाए। हमारी टीम ने संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्रवाई की है। उनकी मेहनत के लिए टीम को 5 हजार रुपये का नकद इनाम दिया जाएगा।
स्थानीय नागरिकों ने पुलिस की सराहना की और कहा कि इस कार्रवाई ने बच्चों की सुरक्षा के प्रति संदेश दिया है। पुलिस ने यह भी चेतावनी दी कि ऐसे गिरोहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दी जानी चाहिए। यह घटना दिखाती है कि दिवाली के त्योहार के दौरान भी अपराधी गरीब और असहाय परिवारों को निशाना बना सकते हैं। पुलिस और मिशन शक्ति टीम की सतर्कता और सामूहिक प्रयास ने समय पर बच्चे की जान बचाई और समाज में सुरक्षा का संदेश दिया।
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