Shimla. शिमला। कांगड़ा के गगल हवाई अड्डे के विस्तार को लेकर अब हिमाचल सरकार की तरफ से एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के चेयरमैन को पत्र लिखा गया है। यह डीओ प्रधान सचिव टूरिज्म देवेश कुमार ने भेजा है। इसमें कहा गया है कि एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया इस प्रस्ताव पर बार-बार आपत्तियां लगा रहा है, इसलिए सीनियर अफसरों का एक दल कांगड़ा एयरपोर्ट के विजिट पर भेजा जाए। इसी दौरान राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ बैठक की जाए, ताकि सभी आपत्तियों को आमने-सामने निपटाया जा सके। गौरतलब है कि हिमाचल सरकार राज्य में एक बड़ा एयरपोर्ट चाहती है, जहां नाइट लैंडिंग हो और बड़े जहाज उतारे जा सकें। इसके लिए कांगड़ा के गग्गल एयरपोर्ट को चुना गया है। राज्य सरकार अभी तक 500 करोड़ भूमि अधिग्रहण पर खर्च कर चुकी है, लेकिन एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने अभी तक इस प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी है। इस पर अभी तीन तरह की आपत्तियां लगाई गई हैं। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने पहाड़ी की कटिंग को लेकर कुछ सवाल पूछे थे।
इसके बाद यह जानकारी मांगी की एयरपोर्ट विस्तार के लिए मिट्टी कहां से लाई जाएगी? एक आपत्ति मांझी खड्ड के ऊपर से एयर स्ट्रिप बनाने को लेकर है। इनका जवाब पर्यटन विभाग दे रहा है, लेकिन अभी तक दिल्ली से कोई कंफर्मेशन नहीं आई है। हिमाचल सरकार बेसब्री से इस अनुमोदन का इंतजार कर रही है। इसके बाद ही फंडिंग पैटर्न पर भारत सरकार से कुछ डिमांड की जा सकेगी। कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार को लेकर 1899 करोड़ के अवार्ड जारी करने के लिए तैयार हैं, लेकिन पहले पैसे का इंतजाम सरकार को करना होगा। अभी तक इस एयरपोर्ट विस्तार को लेकर 596 करोड़ के अवार्ड लैंड एक्विजिशन कलेक्टर कांगड़ा जारी कर चुके हैं। इसमें से भूमि अधिग्रहण हेतु जिला पर्यटन विकास अधिकारी कांगड़ा के माध्यम से 460 करोड़ रुपए की राशि जारी कर दी गई है। इसका आबंटन प्रभावित परिवारों में कर दिया गया है। अब अगले चरण में 1899 करोड़ के अवार्ड जारी होने वाले हैं। इस बीच वित्तीय दिक्कतों को देखते हुए राज्य सरकार ने एक्सटेंशन के अवार्ड की अवधि एक साल और बढ़ाई है।