तिलक समारोह की खुशियां मातम में बदलीं, हर्ष फायरिंग में 10 वर्षीय बच्चे की मौत
जांच में जुटी पुलिस
Jehanabad. जहानाबाद। बिहार के जहानाबाद जिले में एक तिलक समारोह के दौरान हुई हर्ष फायरिंग की घटना ने खुशियों के माहौल को मातम में बदल दिया। घोसी थाना क्षेत्र के सुजातपुर गांव में आयोजित एक तिलक समारोह के दौरान चली गोली एक 10 वर्षीय बच्चे के सिर में जा लगी, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है, जबकि मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपी की तलाश में जुट गई है।
जानकारी के अनुसार, सुजातपुर गांव में कृष्ण यादव के पुत्र का तिलक समारोह आयोजित किया गया था। समारोह में बड़ी संख्या में ग्रामीण, रिश्तेदार और मेहमान शामिल हुए थे। कार्यक्रम को भव्य बनाने के लिए सांस्कृतिक आयोजन, नाच-गाना और मनोरंजन के अन्य कार्यक्रम भी रखे गए थे। गांव में उत्सव का माहौल था और बच्चे भी कार्यक्रम का आनंद ले रहे थे।
मृतक की पहचान 10 वर्षीय रोशन कुमार के रूप में हुई है। रोशन अन्य बच्चों और ग्रामीणों के साथ मंच के पास खड़ा होकर कार्यक्रम देख रहा था। इसी दौरान निकी उर्फ रविशंकर कुमार नामक युवक हाथ में पिस्तौल लेकर मंच पर चढ़ गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवक ने भीड़ के सामने हथियार लहराते हुए हर्ष फायरिंग करने का प्रयास किया। हालांकि पहली बार ट्रिगर दबाने पर गोली नहीं चली।
बताया जा रहा है कि इसके बाद आरोपी युवक पिस्तौल को दोबारा लोड करने या उसमें आई तकनीकी समस्या को ठीक करने का प्रयास करने लगा। इसी दौरान अचानक गोली चल गई। गोली सीधे रोशन कुमार के सिर में जा लगी। गोली लगते ही बच्चा जमीन पर गिर पड़ा और मौके पर अफरा-तफरी मच गई। कार्यक्रम में मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही माहौल चीख-पुकार से भर गया।
घटना के तुरंत बाद परिजन और ग्रामीण गंभीर रूप से घायल रोशन को लेकर घोसी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। डॉक्टरों ने बच्चे की हालत देखकर तत्काल उपचार शुरू करने की कोशिश की, लेकिन सिर में गंभीर चोट लगने के कारण उसकी जान नहीं बच सकी। चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। यह खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
घटना की सूचना मिलते ही घोसी थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और मामले की जानकारी ली। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इसके साथ ही घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि घटना में इस्तेमाल किया गया हथियार लाइसेंसी था या अवैध।
मृतक के परिजनों ने इस घटना को घोर लापरवाही का परिणाम बताते हुए आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समारोह में हथियार का प्रदर्शन नहीं किया जाता तो उनके मासूम बच्चे की जान नहीं जाती। परिजनों ने आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी सजा देने की मांग प्रशासन से की है।
घटना के बाद सुजातपुर गांव में मातम का माहौल है। जिस घर में तिलक समारोह की खुशियां मनाई जा रही थीं, वहां अब सन्नाटा पसरा हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि शादी, तिलक और अन्य सामाजिक कार्यक्रमों में हथियारों का प्रदर्शन लगातार बढ़ रहा है, जो कई बार जानलेवा साबित होता है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे आयोजनों में हर्ष फायरिंग करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए और हथियारों के प्रदर्शन पर प्रभावी रोक लगाई जाए।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। आरोपी की भूमिका, हथियार की वैधता और घटना की परिस्थितियों की पड़ताल की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि खुशी के आयोजनों में हर्ष फायरिंग जैसी खतरनाक परंपराएं कब खत्म होंगी। एक लापरवाही ने एक मासूम बच्चे की जिंदगी छीन ली और पूरे परिवार को गहरे दुख में डुबो दिया। फिलहाल गांव में शोक का माहौल है और सभी की निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हुई हैं।