नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हिन्दू पर्यटकों के नरसंहार के बाद भारत ने आतंकवादियों और उसके पनाहगार पाकिस्तान को करारा जवाब दिया. भारत ने सिर्फ आतंकवादियों के ठिकानों और उनके ट्रेनिंग सेंटर को निशाना बनाया था. जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान ने भारत के सैन्य ठिकानों को टारगेट करना शुरू कर दिया था. भारत ने दुश्मनों के हर मंसूबे को नाकाम कर दिया. इसके साथ ही पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों को टारगेट करना शुरू किया और एयरबेस समेत अन्य ठिकानों को व्यापक पैमाने पर नुकसान पहुंचाया. भारत के प्रचंड रूप को देखकर पाकिस्तान दहशत में आ गया और सीजफायर के लिए गिड़गिड़ाने लगा. इसके साथ ही बॉर्डर पर अप्रैल से पहले की स्थिति बहाल करने पर भी चर्चा होने लगी. अब भारत और पाकिस्तान के डीजीएमओ बुधवार को डी-एस्कलेशन प्लान साझा करेंगे. इसके बाद आगे कदम उठाया जाएगा.
ऑपरेशन सिंदूर के बाद CDS अनिल चौहान समेत तीनों सेना प्रमुखों ने राष्ट्रपति मुर्मू से मुलाकात की. पाकिस्तान के साथ सीजफायर के बाद कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी यानी सीसीएस की पहली बार बैठक हो रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में यह बैठक हो रही है. गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी इस अहम बैठक में मौजूद हैं.
BSF जवान को पाकिस्तान ने लौटाया
पाकिस्तान ने भारत के बीएसएफ जवान पूर्णम कुमार शॉ को वापस लौटा दिया है. पाकिस्तानी रेंजर्स ने अटारी वाघा सीमा के रास्ते बीएसएफ कॉन्स्टेबल को वापस भेजा है. वे पिछले करीब बीस दिनों से पाकिस्तान के कब्जे में थे. कॉन्स्टेबल पूर्णम कुमार सुबह 10:30 बजे वतन वापस लौटे हैं. उनसे पूछताछ की जा रही है.
पूर्णम कुमार, गलती से इंटरनेशनल बॉर्डर क्रॉस करके पाकिस्तान पहुंच गए थे, जिसके बाद पाकिस्तान रेंजर्स ने उन्हें हिरासत में ले लिया. वे पंजाब के फिरोजपुर सेक्टर में तैनात थे. भारत ने 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए. पाकिस्तान ने भी जवाबी हमले किए, जिससे तनाव बढ़ गया. ऐसे में पूर्णम के परिवार की चिंता और भी बढ़ गई.