Hospice. धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश में सीबीएसई सब-कैडर योजना के तहत चयनित शिक्षकों ने अपनी नियुक्तियों को लेकर बुधवार को धर्मशाला में मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। स्क्रीनिंग टेस्ट पास करने और मेरिट सूची जारी होने के बावजूद काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू न होने से प्रदेश भर के पात्र शिक्षकों में भारी रोष है। इस लेटलतीफी के खिलाफ सीबीएसई सब-कैडर इन सर्विस शिक्षक संघ ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को ज्ञापन सौंपकर अविलंब पारदर्शी काउंसलिंग और प्रतिनियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने की जोरदार मांग उठाई है। संघ ने अपने ज्ञापन में स्पष्ट किया है कि जब परीक्षा हो चुकी है और मेरिट सामने है, तब चयन मानदंडों पर पुनर्विचार के लिए किसी उप-समिति का गठन करना स्थापित न्याय व्यवस्था के खिलाफ है। माननीय उच्च न्यायालय ने भी इस योजना की वैधता को बरकरार रखते हुए इसे हरी झंडी दे दी है।
ऐसे में न्यायालय की मुहर के बाद प्रक्रिया को अटकाए रखना अभ्यर्थियों का मनोबल तोडऩे वाला और समय की बर्बादी है। समस्या के जल्द समाधान के लिए संघ के अध्यक्ष खजान चंद ने मुख्यमंत्री के समक्ष ये प्रमुख मांगे रखी। उन्होंने कहा कि चयनित अभ्यर्थियों से तत्काल ऑनलाइन माध्यम से उनके पसंदीदा स्टेशनों के विकल्प मांगे जाएं। प्राप्त विकल्पों के आधार पर पूर्णत: मेरिट आधारित और पारदर्शी काउंसलिंग करवाई जाए। यदि चयन प्रक्रिया के लिए कोई कैबिनेट उप-समिति गठित की गई है, तो उसे निश्चित समय-सीमा के भीतर अपनी रिपोर्ट देने के निर्देश दिए जाएं। उच्च न्यायालय के निर्णय को उसकी मूल भावना के अनुरूप लागू किया जाए और जिन स्कूलों में प्रधानाचार्यों की काउंसलिंग हो चुकी है, उनकी प्रतिनियुक्ति भी तुरंत की जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश भर के चयनित शिक्षक अब मुख्यमंत्री के न्यायपूर्ण फैसले की प्रतीक्षा कर रहे हैं, ताकि मेरिट के आधार पर उन्हें जल्द नियुक्ति मिल सके।