Shimla. शिमला। राजधानी में हर दिन 30 से 40 हजार वाहन आ रहे हैं। ऐसे में शहर के हर क्षेत्र में जाम लग रहा है। सुबह और दोपहर के समय शहर के सकुर्लर रोड पर सबसे ज्यादा जाम लग रहा है। शहर में पुलिस के अनुसार सिर्फ पांच से सात हजार गाडिय़ों की ही क्षमता है, लेकिन हर रोज 30 से 40 हजार वाहन शहर में एंटर हो रहे हैं। यही कारण है कि शिमला में जाम लग रहा है। पुलिस के जवान लगातार जाम खुलाने के लिए जुटे रहते हैं। गाडिय़ों की क्षमता से ज्यादा संख्या होने के कारण शहर के सकुर्लर रोड के कई क्षेत्रों से अवैध पार्किंग को भी पुलिस प्रशासन ने हटा दिया है। इसमें बेमलोई, छोटा शिमला, नवबाहर, खलीनी और लक्कड़बाजार में हर रोज पुलिस प्रशासन अवैध पार्किंग को हटा रहे हैं। यहां तक कि जो लोग गाडिय़ां नहीं हटा रहे हैं उनका चालान भी किया जा रहा है। बावजूद इसके भी शहर में जाम की स्थिति बनी है।
आलम यह है कि इन दिनों शिमला शहर में पर्यटन सिजन जोरों पर है। शहर में क्षमता से अधिक वाहन आ रहे हैं। इसलिए जाम लग रहा है। 259 ट्रैफिक जवान तैनात हैं। शोघी में पुलिस के जवान पर्यटकों को ऊपरी शिमला और शहर के संजौली या ढली की ओर जाने के लिए अतिरिक्त सडक़ों के इस्तेमाल करने की जानकारी दे रहे हैं। यहां तक कि शहर में लगी एलईडी में भी ट्रैफिक प्लान की जानकारी पुलिस प्रशासन दे रहे हैं। शिमला पुलिस शहर के जाम को काम करने के लिए हर प्रकार से प्रयास कर रहे हैं। वहीं शहरवासियों से भी पुलिस प्रशासन आग्रह कर रहा है कि वह अवैध पार्किंग न करें। इस समय शिमला शहर के होटलों की 90 प्रतिशत ऑक्यूपेंसी है। मॉलरोड और रिज पर भी पर्यटकों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। सभी पर्यटक शहर के अंदर ही गाड़ी लाना पसंद कर रहे हैं। टुटीकंडी में भी पार्किंग है लेकिन यहां पर कोई भी पर्यटक गाड़ी खड़ी नहीं करता। ऐसे में शहर की लिफ्ट वाली पार्किंग हर रोज तीन बजे पैक हो रही है। शुक्रवार को भी लिफ्ट पार्किंग तीन बजे पैक हो गई थी।