समझाइश के बहाने केबिन में बुलाया...स्कूल निदेशक पर छात्रा ने लगाए संगीन आरोप
आरोपी हिरासत में.
पटना: बिहार के जमुई स्थित एक प्राइवेट स्कूल से खौफनाक मामला सामने आया है. यहां रामकृष्ण आवासीय विद्यालय और रिचलूक प्ले स्कूल के निदेशक पर एक छात्रा के साथ अश्लील हरकत और यौन शोषण करने का आरोप लगा है.
स्कूल के निदेशक आशीष सिंह पर पीड़ित परिवार ने कई संगीन आरोप लगाए हैं. शिकायत के मुताबिक, निदेशक आशीष कुमार ने छात्रा को अनुशासन का हवाला देकर अपने ऑफिस रूम में बुलाया था. छात्रा का कहना है कि वो किसी लड़के से बातचीत कर रही थी, इसी बात की समझाइश देने के नाम पर उसे केबिन में बुलाया गया.
छात्रा का आरोप है कि बातचीत के दौरान आरोपी निदेशक ने उसे गलत तरीके से गले लगाया. इसके बाद उसने छात्रा को यौन संबंध और गर्भधारण जैसी बातें समझानी शुरू कर दीं. आरोप है कि इसके बाद निदेशक ने छात्रा के प्राइवेट पार्ट्स और उसके शरीर के कई हिस्सों को छुआ.
घटना की खबर मिलते ही परिजन जब स्कूल पहुंचे और जमकर हंगामा किया. परिजनों का आरोप है कि उन्हें न तो निदेशक से मिलने दिया गया और न ही पीड़ित बच्ची से. मामला छिपाने के लिए छात्रावास के मुख्य गेट पर ताला लगा दिया गया. काफी देर तक चले हंगामे और विरोध के बाद परिजनों को छात्रा से मिलने दिया गया, जहां बच्ची ने अपने साथ हुई पूरी आपबीती सुनाई.
स्कूल में बवाल बढ़ता देख स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी. पुलिस ने हालात को संभाला और आरोपी निदेशक आशीष सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए थाने ले गई. पीड़ित परिवार भी थाने पहुंचा और निदेशक के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए लिखित शिकायत दर्ज कराई.
परिजनों ने आरोप लगाया कि पूरे स्कूल और छात्रावास परिसर में जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, लेकिन जानबूझकर निदेशक के ऑफिस में कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं लगाया गया है. ग्रामीणों और परिजनों का ये भी दावा है कि निदेशक आशीष सिंह का आचरण पहले से ही कई छात्राओं के लिए ठीक नहीं रहा है. वो पहले भी कई लड़कियों को अकेला पाकर अपने केबिन में बुलाता था और अश्लील हरकतें करता था. लेकिन निदेशक के डर की वजह से कोई भी छात्रा या परिवार अब तक आवाज उठाने की हिम्मत नहीं जुटा सका था.
इस पूरे मामले पर प्रशासनिक महकमा पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है. जमुई के SP विश्वजीत दयाल और DSP दीप्ति मोनाली ने इस घटना की पुष्टि की है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आरोपी निदेशक को थाने लाकर पूछताछ की जा रही है. पीड़िता की ओर से दी गई लिखित आवेदन के आधार पर मामले की जांच की जा रही है.