चलती बस के ड्राइवर को Heart Attack, यात्रियों को बचाकर खुद गंवाई जान
सड़क दुर्घटना
Odisha ओडिशा: खोरधा जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने सभी को भावुक कर दिया। एक चलती यात्री बस के ड्राइवर को अचानक हार्ट अटैक आया, लेकिन उसने अपनी अंतिम सांसों तक कर्तव्य निभाते हुए 40 से अधिक यात्रियों की जान बचा ली। ड्राइवर की इस बहादुरी और जिम्मेदारी की मिसाल ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। यह मार्मिक घटना राष्ट्रीय राजमार्ग 57 (NH-57) पर स्थित बोलगढ बाजार के पास हुई। शनिवार सुबह एक यात्री बस नियमित मार्ग पर जा रही थी, तभी अचानक ड्राइवर को सीने में तेज दर्द महसूस हुआ। कुछ ही पलों में वह समझ गया कि उसे हार्ट अटैक आ गया है। इसके बावजूद उसने हिम्मत नहीं हारी और दर्द से तड़पते हुए भी बस का नियंत्रण अपने हाथों में रखा।
बस को सुरक्षित जगह रोकने का निर्णय
ड्राइवर ने पूरी सूझबूझ और संयम के साथ बस को धीरे-धीरे किनारे की ओर मोड़ दिया ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी न हो। बस में उस समय 40 से अधिक यात्री सवार थे। अगर बस अनियंत्रित हो जाती तो यह एक भीषण सड़क दुर्घटना में बदल सकती थी। लेकिन ड्राइवर की त्वरित प्रतिक्रिया और अद्भुत साहस ने सभी यात्रियों की जान बचा ली। बस रुकने के बाद यात्रियों ने जब देखा कि ड्राइवर बेहोश हो चुका है, तो वे तुरंत सक्रिय हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से उसे बोलगढ मेडिकल सेंटर पहुंचाया गया। लेकिन अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के मुताबिक, ड्राइवर को तेज हृदयाघात (massive cardiac arrest) आया था।
भावुक हुए यात्री और स्थानीय लोग
ड्राइवर की मौत की खबर फैलते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। बस में सवार यात्रियों ने बताया कि “अगर ड्राइवर ने उस वक्त धैर्य और साहस नहीं दिखाया होता, तो आज हम सब शायद जिंदा नहीं होते।” स्थानीय लोग उसे “सच्चा नायक (Real Hero)” बता रहे हैं, जिसने अपनी जान दांव पर लगाकर दूसरों की जिंदगी बचाई।
अंतिम सांस तक निभाया फर्ज
घटना के बाद लोग ड्राइवर के साहस और कर्तव्य भावना को सलाम कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी इस घटना की चर्चा तेजी से फैल रही है। लोग लिख रहे हैं कि "आज के दौर में जब लोग अपनी सुरक्षा के लिए दूसरों की परवाह नहीं करते, उस बस ड्राइवर ने अपनी जान देकर यात्रियों की रक्षा की। स्थानीय प्रशासन ने ड्राइवर के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है और कहा है कि उसकी बहादुरी को सम्मानित करने का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। कई यात्री संगठनों ने भी इस घटना को “मानवता और जिम्मेदारी की मिसाल” बताया है।
ड्राइवर की पहचान अब तक सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन स्थानीय लोगों के अनुसार वह पिछले कई वर्षों से बस सेवा में कार्यरत था और अपने जिम्मेदार व्यवहार के लिए जाना जाता था। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि हीरो सिर्फ फिल्मों में नहीं होते, असली हीरो हमारे बीच भी हैं, जो अपने कर्तव्य को निभाने के लिए अपनी जान की बाजी लगा देते हैं।