Greater Noida. ग्रेटर नोएडा। एक बार फिर ग्रेटर नोएडा से छात्रा की आत्महत्या का दर्दनाक मामला सामने आया है। थाना बीटा-2 क्षेत्र स्थित केंद्रीय विहार कॉलोनी में रहने वाली 19 वर्षीय बी-टेक प्रथम वर्ष की छात्रा शांति सुप्रिया ने बीती रात अपने ही घर में पंखे से फांसी लगाकर जान दे दी। परिजन जब तक उसे यथार्थ अस्पताल लेकर पहुंचे, डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह की ओर से मीडिया प्रभारी ने जानकारी दी कि छात्रा शांति सुप्रिया, पुत्री स्वर्गीय निर्मल किशोर, ने अपने कमरे में खुदकुशी का कदम उठाया। मौके पर मौजूद उसकी मां और भाई ने तुरंत उसे फंदे से उतारकर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन बचाया नहीं जा सका। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
एमिटी यूनिवर्सिटी में ली थी एडमिशन
शांति सुप्रिया इस वर्ष ही एमिटी यूनिवर्सिटी, नोएडा सेक्टर-125 में बी-टेक प्रथम वर्ष में दाखिला लिया था। परिवार और पड़ोसियों के अनुसार, वह पढ़ाई में मेधावी छात्रा थी और उच्च शिक्षा की ओर उसका रुझान बचपन से ही रहा। हालांकि, हाल के दिनों में वह मानसिक तनाव से गुजर रही थी।
जानकारी के मुताबिक, उसके पिता निर्मल किशोर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) में कार्यरत थे और कोविड काल में उनकी असमय मृत्यु हो गई थी। इस घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया था। वर्तमान में उसकी मां डॉक्टर हैं और एक निजी अस्पताल में कार्यरत हैं। परिवार के अनुसार, पिता की मौत का असर शांति सुप्रिया के मानसिक स्वास्थ्य पर गहराई से पड़ा था।
पुलिस को नहीं मिला सुसाइड नोट
प्रारंभिक जांच में पुलिस को छात्रा के कमरे से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। परिजनों ने पुलिस को बताया कि वह पिछले कुछ समय से पढ़ाई के दबाव और व्यक्तिगत तनाव से जूझ रही थी। हालांकि, उसकी पढ़ाई में कभी कोई कमी नहीं रही, लेकिन अंदर ही अंदर वह अवसाद से लड़ रही थी। पुलिस ने उसके मोबाइल फोन और अन्य निजी दस्तावेज जब्त कर लिए हैं। तकनीकी जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही आत्महत्या के पीछे के कारणों की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।
परिवार और समाज में गम का माहौल
इस घटना से परिवार पूरी तरह सदमे में है। मां और भाई की आंखों के सामने हुई बेटी की मौत ने पूरे माहौल को गमगीन बना दिया है। मोहल्ले और रिश्तेदारों में शांति सुप्रिया की अचानक मौत को लेकर शोक की लहर है। पड़ोसियों का कहना है कि शांति एक विनम्र और पढ़ाकू लड़की थी, जिसने कभी किसी से कोई शिकायत नहीं की।
छात्रों में मानसिक तनाव का बड़ा सवाल
यह घटना एक बार फिर समाज में यह सवाल खड़ा कर रही है कि आखिर क्यों उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं में मानसिक तनाव और डिप्रेशन की समस्या लगातार बढ़ रही है। खासतौर पर इंजीनियरिंग, मेडिकल और प्रोफेशनल कोर्सेज में दाखिला लेने वाले छात्रों पर पढ़ाई का दबाव, करियर की चिंता और पारिवारिक समस्याएं गहरी चोट पहुंचा रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि छात्रों के लिए नियमित काउंसलिंग, मानसिक स्वास्थ्य पर जागरूकता और परिवार का भावनात्मक सहयोग बेहद जरूरी है। शिक्षा संस्थानों को भी छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को गंभीरता से लेते हुए हेल्पलाइन और परामर्श केंद्र सक्रिय रखने चाहिए।
पुलिस की जांच जारी
फिलहाल पुलिस मामले को गंभीरता से लेकर जांच में जुटी है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और डिजिटल जांच से ही स्पष्ट हो पाएगा कि छात्रा ने यह कदम क्यों उठाया। परिजनों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर परिवारों और समाज को झकझोर कर रख दिया है। शिक्षा के दबाव और मानसिक तनाव के चलते हो रही लगातार आत्महत्याओं ने एक बड़ा सामाजिक और मनोवैज्ञानिक प्रश्न खड़ा कर दिया है, जिस पर ध्यान देना अब बेहद जरूरी हो गया है।