Jammu जम्मू: दिवाली के पावन अवसर पर BSF के जवानों ने अखनूर सेक्टर में नियंत्रण रेखा (LoC) पर दीपावली का उत्सव मनाया। सीमावर्ती क्षेत्र में तैनात जवानों ने अपने कर्तव्य के साथ-साथ त्योहार की खुशियाँ भी साझा कीं। इस अवसर पर जवानों ने नियंत्रण रेखा पर दीपक और मोमबत्तियाँ जलाकर अपने साथियों के साथ मिलकर दिवाली की खुशी मनाई। जवानों ने बताया कि सीमा पर रहते हुए भी उन्होंने त्योहार का माहौल बनाए रखने के लिए सजावट और रोशनी का विशेष इंतजाम किया। उन्होंने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार दीपक जलाए और एक-दूसरे को शुभकामनाएँ दीं। इस दौरान सुरक्षा और सतर्कता में कोई कमी नहीं आई, और सभी जवान अपने निर्धारित पोस्ट पर रहते हुए त्योहार का आनंद ले रहे थे।
BSF अधिकारियों ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में जवानों के लिए यह त्योहार विशेष महत्व रखता है। यह न केवल उनके मनोबल को बढ़ाता है, बल्कि यह यह भी दिखाता है कि चाहे परिस्थिति कितनी भी कठिन क्यों न हो, जवान अपने कर्तव्य और त्योहार दोनों को समान रूप से निभाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जवानों ने सीमाओं पर दीपावली मनाकर न केवल अपनी परंपराओं को जीवित रखा, बल्कि देशभक्ति और जिम्मेदारी का अद्भुत उदाहरण भी पेश किया। इस अवसर पर जवानों ने मिठाइयाँ और पारंपरिक व्यंजन भी बांटे। उन्होंने अपने साथियों के साथ सामूहिक रूप से पूजा और दीपक जलाने की क्रिया संपन्न की। जवानों ने सोशल मीडिया पर भी इस आयोजन की तस्वीरें साझा कीं, जिससे पूरे देश में उनके उत्साह और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना हुई।
विशेषज्ञों का कहना है कि सीमा पर तैनात जवानों द्वारा त्योहार मनाने की यह परंपरा सैनिकों के मनोबल और टीम भावना को मजबूत करती है। यह दर्शाता है कि सीमाओं पर भी जवान अपने संस्कृति और परंपराओं के साथ जुड़े हुए हैं और कठिन परिस्थितियों में भी सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखते हैं। अधिकारी ने यह भी बताया कि इस तरह के आयोजन से जवानों के बीच सहयोग और भाईचारे की भावना भी बढ़ती है। दिवाली के समय जवानों का यह उत्साह उनकी मानसिक स्थिरता और काम के प्रति समर्पण को बनाए रखने में मदद करता है। अखनूर सेक्टर में BSF के जवानों द्वारा दीपावली मनाने का यह आयोजन सीमा सुरक्षा और देशभक्ति की भावना का प्रतीक बन गया है। यह न केवल जवानों के उत्साह को बढ़ाता है, बल्कि आम नागरिकों और देशवासियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है।