Jalandhar. जालंधर। पंजाब की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर नशा तस्करी की एक और बड़ी कोशिश को सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने नाकाम कर दिया है। बुधवार को बीएसएफ के सतर्क जवानों ने तरनतारन जिले और अमृतसर जिले की सीमा के पास संदिग्ध क्षेत्रों में तलाशी अभियान चलाकर 529 ग्राम हेरोइन और एक संवेदनशील कैमरा ड्रोन बरामद किया है। यह कार्रवाई पाकिस्तान की ओर से लगातार हो रही नशा तस्करी की साजिशों के विरुद्ध बीएसएफ की मुस्तैदी और प्रोफेशनलिज्म का प्रमाण है।
हेरोइन खेत से बरामद
बीएसएफ के प्रवक्ता के अनुसार, बुधवार सुबह तरनतारन जिले के हवेलियां गांव के समीप खेतों में तलाशी अभियान चलाया गया। इस दौरान जवानों को एक संदिग्ध पैकेट मिला, जिसे पास जाकर जांचने पर वह हेरोइन निकला। बरामद नशीले पदार्थ का कुल वजन 529 ग्राम आंका गया है। हेरोइन के इस पैकेट को पीले और लाल रंग के चिपकने वाले टेप से लपेटा गया था, जो आमतौर पर सीमा पार से ड्रोन के माध्यम से गिराए जाने वाले पैकेट्स की पहचान मानी जाती है। इस पैकेट में दो चमकने वाली पट्टियाँ (ल्यूमिनस स्ट्रिप्स) और एक नायलॉन लूप भी था, जो इसे रात के अंधेरे में गिराने और खोजने में सहायता प्रदान करता है। यह स्पष्ट संकेत देता है कि तस्करों ने ड्रोन के माध्यम से इसे भारतीय सीमा में गिराया था।
अमृतसर में ड्रोन बरामद
इसी दिन एक अन्य बड़ी सफलता बीएसएफ को अमृतसर जिले के रोरनवाला कलां गांव के पास मिली, जहां आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हालत में एक ड्रोन बरामद किया गया। यह ड्रोन डीजेआई माविक 3 क्लासिक मॉडल का है, जो बेहद उन्नत तकनीक से लैस होता है और आमतौर पर निगरानी, ड्रॉपिंग और मैपिंग जैसी गतिविधियों में उपयोग किया जाता है। ड्रोन की बरामदगी से यह स्पष्ट है कि पाकिस्तानी तस्कर आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर भारतीय सीमाओं में नशीले पदार्थों की तस्करी की कोशिशें कर रहे हैं।
ड्रोन गिरने के कारण जांच का विषय
ड्रोन की स्थिति आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त होने की वजहों की जांच की जा रही है। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि यह संभवतः जमीन से टकराने, तकनीकी खराबी या फिर बीएसएफ के इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग सिस्टम की वजह से गिरा हो सकता है। ड्रोन को विस्तृत फॉरेंसिक जांच के लिए संबंधित एजेंसियों को सौंपा जाएगा, जिससे इसके उड़ान डेटा और नियंत्रण प्रणाली से जुड़े इनपुट हासिल किए जा सकें। बीएसएफ के प्रवक्ता ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सक्रियता और सतर्कता के चलते पाकिस्तान की तरफ से होने वाली ड्रोन के माध्यम से तस्करी की कोशिशें लगातार विफल हो रही हैं। उन्होंने बताया कि तस्कर लगातार अपने तरीके और रूट बदलते रहते हैं, लेकिन बीएसएफ की निगरानी और तकनीकी संसाधनों के चलते वे सफल नहीं हो पा रहे हैं।