BREAKING: अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में नई SIT गठित

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Update: 2026-07-28 10:33 GMT
Ayodhya. अयोध्या। अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद नई विशेष जांच टीम (SIT) का गठन कर दिया गया है। इस नई एसआईटी टीम की कमान लखनऊ रेंज के आईजी किरण एस को सौंपी गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अनुभवी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को टीम में शामिल किया गया है, ताकि जांच निष्पक्ष और प्रभावी तरीके से पूरी की जा सके। नई एसआईटी में आईजी किरण एस के अलावा तीन अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के नाम शामिल किए जाने की संस्तुति की गई है। इनमें डीआईजी सोमेन वर्मा, अयोध्या के एसएसपी गौरव ग्रोवर और पीपीएस अधिकारी रितेश कुमार सिंह के नाम प्रमुख हैं। इन अधिकारियों के अनुभव और जांच क्षमता को देखते हुए उन्हें इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए चुना गया है।
आईजी किरण एस इस एसआईटी के प्रमुख होंगे। वह 2008 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी हैं और वर्तमान में लखनऊ रेंज के पुलिस महानिरीक्षक के पद पर तैनात हैं। किरण एस को आर्थिक अपराधों और जटिल मामलों की जांच का विशेषज्ञ माना जाता है। आईजी किरण एस केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। वह सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक इकाई में पुलिस अधीक्षक के पद पर कार्यरत रहे थे। सीबीआई में काम करने के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण मामलों की जांच की थी। इसके अलावा वह इंटरपोल और संयुक्त राष्ट्र मिशन में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पहले गठित एसआईटी में भी आईजी किरण एस शामिल रहे थे। अब सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद गठित नई टीम की जिम्मेदारी मिलने से इस जांच में उनके अनुभव का उपयोग किया जाएगा। एसआईटी में शामिल डीआईजी सोमेन वर्मा 2012 बैच के यूपी कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं। वह मूल रूप से पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं। आईपीएस बनने से पहले सोमेन वर्मा भारतीय इंजीनियरिंग सेवा के अधिकारी रह चुके हैं। उन्होंने इंजीनियरिंग में स्नातक और परास्नातक की शिक्षा हासिल की है।
सोमेन वर्मा वर्तमान में अयोध्या रेंज के डीआईजी पद पर तैनात हैं। उन्हें प्रदेश के कई जिलों में काम करने का अनुभव है। इससे पहले वह सुल्तानपुर और मीरजापुर जैसे जिलों में भी महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। प्रशासनिक अनुभव और अयोध्या क्षेत्र की जानकारी के कारण उन्हें इस जांच टीम में अहम भूमिका दी गई है। एसआईटी के दूसरे प्रमुख सदस्य आईपीएस गौरव ग्रोवर हैं। वह 2013 बैच के अधिकारी हैं और मूल रूप से पंजाब के लुधियाना के रहने वाले हैं। आईपीएस बनने से पहले गौरव ग्रोवर ने एमबीबीएस की पढ़ाई की थी और डॉक्टर के रूप में भी सेवाएं दी थीं।
गौरव ग्रोवर वर्तमान में अयोध्या के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के पद पर तैनात हैं। इससे पहले वह बहराइच, गोरखपुर और मथुरा जैसे जिलों में एसएसपी की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। पुलिस प्रशासन में उनके अनुभव को देखते हुए उन्हें नई एसआईटी का हिस्सा बनाया गया है। नई एसआईटी में पीपीएस अधिकारी रितेश कुमार सिंह को भी शामिल किया गया है। रितेश सिंह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रहने वाले हैं। वर्तमान में वह बाराबंकी में अपर पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात हैं।
रितेश कुमार सिंह अयोध्या में क्षेत्राधिकारी (CO) के पद पर भी तैनात रह चुके हैं। इसी दौरान उन्हें पदोन्नति मिली और वह अपर पुलिस अधीक्षक बने। इसके अलावा वह कुशीनगर जिले में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला धार्मिक और संवेदनशील विषय होने के कारण इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद गठित नई एसआईटी के सामने मामले की सच्चाई सामने लाने और दोषियों की पहचान करने की बड़ी जिम्मेदारी होगी। जांच टीम मामले से जुड़े सभी दस्तावेजों, सबूतों, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तथ्यों की दोबारा समीक्षा कर सकती है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ की जाएगी। प्रशासन की ओर से यह भी कहा गया है कि जांच में जो भी लोग दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नई एसआईटी के गठन के बाद अब इस मामले में आगे की कार्रवाई तेज होने की उम्मीद है।
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