Etawah. इटावा। उत्तर प्रदेश के इटावा रेलवे स्टेशन पर गुरुवार को एक बड़ी सुरक्षा चूक सामने आई, जब कालका एक्सप्रेस के इंजन से एक फर्जी लोको पायलट को गिरफ्तार किया गया। युवक ने रेलवे यूनिफॉर्म पहन रखी थी, गले में नकली आईडी कार्ड लटका रखा था और हाथ में लाल व हरी झंडी लिए इंजन में बैठा था। वह पूरी तरह असली लोको पायलट की तरह व्यवहार कर रहा था, जिससे रेलवे सुरक्षा में भारी खतरा उत्पन्न हो गया। घटना का खुलासा तब हुआ जब ट्रेन के असली लोको पायलट ने युवक की गतिविधियों पर शक जाहिर किया। युवक के जवाबों में असंगतियाँ देखने के बाद उन्होंने तत्काल रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को सूचित किया। RPF की त्वरित कार्रवाई के बाद युवक को हिरासत में ले लिया गया।
फर्जी लोको पायलट का ‘ड्रामा’
जांच में सामने आया कि युवक पूरी तरह से असली ड्राइवर की तरह तैयार था। उसके पास रेलवे की यूनिफॉर्म, लाल और हरी झंडी, नकली रेलवे आईडी कार्ड और एक लॉग बुक भी बरामद हुई, जिसमें ट्रेनों का विवरण दर्ज था। इंजन में उसकी बैठने की मुद्रा और व्यवहार देखकर कोई भी उसे असली लोको पायलट समझ सकता था। प्रारंभिक पूछताछ में युवक ने बताया कि वह रेलवे में नौकरी पाने की इच्छा रखता था और अपने शौक के चलते खुद को ट्रेन ड्राइवर के रूप में पेश करता था। हालांकि, इस घटना को रेलवे अधिकारियों ने गंभीर सुरक्षा उल्लंघन माना है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां न केवल यात्रियों की सुरक्षा के लिए खतरा हैं, बल्कि रेलवे संचालन और ट्रेन टाइमिंग को भी प्रभावित कर सकती हैं।
RPF और GRP की संयुक्त कार्रवाई
रेलवे सुरक्षा बल ने घटना के तुरंत बाद युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। RPF और GRP की संयुक्त टीम युवक से पूछताछ कर रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि यह कोई मानसिक रूप से असंतुलित व्यक्ति था या इसके पीछे कोई सुनियोजित साजिश है। रेलवे अधिकारीयों ने चेतावनी दी है कि ऐसे मामलों में सुरक्षा मानकों को और सख्त किया जाएगा। स्टेशन पर लगे CCTV कैमरों और अन्य सुरक्षा उपकरणों की मदद से सभी संभावित खामियों की पहचान कर सुधार किया जाएगा।
रेल यात्रियों में बढ़ा सुरक्षा भय
इस घटना के बाद यात्रियों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। कई यात्रियों ने कहा कि अगर इस युवक जैसी फर्जी आईडी और यूनिफॉर्म पहनकर कोई ट्रेन ड्राइवर बन सकता है, तो इससे किसी भी ट्रेन की सुरक्षा और यात्रियों की जान पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है। रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की संख्या को देखते हुए अधिकारियों ने सुरक्षा कड़ी कर दी है।
रेलवे सुरक्षा में सुधार की पहल
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि इस घटना के बाद सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा की जाएगी। विशेष रूप से इंजन रूम और लोको पायलट की पहचान प्रक्रिया को और सख्त किया जाएगा। रेलवे स्टेशन पर अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों को तैनात करने और नियमित पैट्रोलिंग बढ़ाने का निर्देश दिया गया है। स्थानीय लोगों और यात्रियों ने इस घटना को गंभीर मानते हुए रेलवे प्रशासन से मांग की है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि यह न केवल सुरक्षा की चुनौती है बल्कि रेलवे की प्रतिष्ठा पर भी असर डाल सकता है।