Paddhar. पद्धर। प्रदेश में एकल एवं परित्यक्त महिलाओं के अधिकारों की रक्षा, उनकी स्पष्ट पहचान और योजनाओं का वास्तविक लाभ सुनिश्चित करने की दिशा में एकल महिला विकास एवं किसान कल्याण समिति ने ठोस पहल की है। इसी कड़ी में समिति की राज्य स्तरीय बैठक राजधानी शिमला में आयोजित की गई, जिसमें प्रदेश के आठ जिलों के 23 विकास खंडों से आई लगभग 75 एकल महिलाओं ने सक्रिय सहभागिता निभाई। बैठक की अध्यक्षता राज्य समन्वयक निर्मल चंदेल ने की। इस दौरान प्रोजेक्ट एसोसिएट रीमा भी मौजूद रही। द्रंग ब्लॉक समन्वयक मीना शर्मा ने बताया कि बैठक का मुख्य उद्देश्य एकल एवं परित्यक्त महिलाओं के सशक्तिकरण, उनके कानूनी व सामाजिक अधिकारों की रक्षा तथा ग्राम स्तर पर उनकी स्पष्ट पहचान सुनिश्चित करना रहा। बैठक में राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष विद्या नेगी, एसडीएम शिमला ओशिन शर्मा, सदर थाना प्रभारी जमना देवी तथा वरिष्ठ पत्रकार अर्चना फुले ने बतौर संदर्भ व्यक्ति शिरकत कर प्रशासनिक, कानूनी एवं सामाजिक विषयों पर महिलाओं को विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया।
राज्य महिला आयोग अध्यक्ष विद्या नेगी ने कहा कि एकल एवं परित्यक्त महिलाओं को सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी मिल सकेगा, जब उनकी परिभाषा स्पष्ट, व्यावहारिक और जमीन से जुड़ी होगी। एसडीएम ओशिन शर्मा ने प्रशासनिक सहायता, उपलब्ध योजनाओं और शिकायत निवारण प्रक्रिया की जानकारी दी। वहीं थाना प्रभारी जमना देवी ने महिला सुरक्षा, घरेलू हिंसा और कानूनी अधिकारों पर प्रकाश डाला। वरिष्ठ पत्रकार अर्चना फुले ने सामाजिक सोच में बदलाव और महिलाओं की आत्मनिर्भरता पर बल दिया। बैठक के उपरांत संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने महिला एवं बाल विकास विभाग के निदेशक पंकज ललित तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्याम भगत सिंह नेगी से भेंट की। इस दौरान परित्यक्त महिलाओं की ग्राम स्तर पर स्पष्ट परिभाषा, मौजूदा परिभाषा में आवश्यक संशोधन और जमीनी स्तर पर आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने शीघ्र निर्णय लेने तथा संशोधित दिशा-निर्देश पंचायत स्तर तक भेजने का आश्वासन दिया।