बेंगलुरु: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) कर्नाटक में भाजपा कार्यकर्ता प्रवीण कुमार नेत्तारू हत्याकांड को लेकर अब मुख्य आरोपियों की संपत्ति जब्त करने के लिए तैयार है। सूत्रों ने सोमवार को बताया कि आत्मसमर्पण न करने को लेकर कोर्ट के फैसले के बाद एनआईए ने यह कदम उठाया हैं।
भाजपा कार्यकर्ता प्रवीण कुमार नेत्तारू हत्याकांड को लेकर कोर्ट ने 30 जून तक आत्मसमर्पण नहीं करने पर दोनों प्रमुख आरोपियों की संपत्ति जब्त करने का आदेश जारी किया था। एनआईए के अधिकारियों ने इस संबंध में सुलिया और बेलारे कस्बों में माइक के जरिए घोषणा की थी। आरोपियों के आवास पर नोटिस चिपकाया गया और परिवार के सदस्यों को सूचित किया गया ।
अधिकारियों ने आरोपी व्यक्तियों के बारे में जानकारी देने वालों के लिए नकद पुरस्कार की भी घोषणा की थी। हत्याकांड के मुख्य आरोपी उमर फारूक और मुस्तफा पाइचर दोनों कल्लू मुटलू के निवासी हैं, जो आज तक पकड़ से बाहर हैं, हालांकि एनआईए ने उन्हें पकड़ने के लिए कर्नाटक और केरल में व्यापक अभियान चलाया।
सूत्रों ने बताया कि एनआईए राजस्व विभाग और अन्य स्रोतों से आरोपी व्यक्तियों की चल और अचल संपत्ति का विवरण एकत्र कर रही है। वे आधिकारिक बैंक खातों के बारे में भी जानकारी जुटा रहे हैं। एनआईए संपत्तियों की सूची कोर्ट को सौंपेगी और बाद में उन्हें जब्त कर सरकार को सौंप दिया जाएगा।
घटना के 11 महीने बाद भी एनआईए दो मुख्य आरोपियों को नहीं पकड़ सकी। एनआईए ने विशेष अदालत को तथ्य सौंपे हैं और आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए सहमति मांगी है। प्रवीण कुमार नेत्तारू हत्याकांड की जांच कर रही एनआईए ने 20 आरोपियों के खिलाफ बेंगलुरु की एनआईए विशेष अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया है। उन्होंने 14 लोगों को गिरफ्तार किया है, और छह अन्य लोगों की तलाश शुरू कर दी है, जो फरार हैं।
इस मामले में एनआईए ने 240 गवाहों के बयानों सहित 1,500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी। 26 जुलाई, 2022 को राज्य में हिजाब मामले में नेत्तारू की हत्या कर दी गई थी। यह घटना दक्षिण कन्नड़ जिले के सुलिया के पास बेलारे में हुई थी। इस घटनाक्रम के कारण राज्य में बदला लेने के लिए हत्याएं और चाकूबाजी की कई घटनाएं हुईं।
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