पंजाब में बिजली संकट पर BJP का हमला, केवल सिंह ढिल्लों ने सरकार को घेरा
Bathinda. बठिंडा। पंजाब में बिजली और कोयले की उपलब्धता को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। BJP नेता केवल सिंह ढिल्लों ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि नशे की समस्या की तरह बिजली भी इस समय पंजाब के सामने एक बड़ा मुद्दा बन गई है। उन्होंने सरकार के कोयला आपूर्ति और राज्य को बिजली सरप्लस बनाने संबंधी दावों पर सवाल उठाए। बठिंडा में मीडिया से बातचीत करते हुए ढिल्लों ने कहा कि मुख्यमंत्री ने पचवारा कोयला खदान को लेकर दावा किया था कि इसके बाद पंजाब को 30 वर्षों तक कोयले की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने इस दावे पर सवाल उठाते हुए कहा कि 30 वर्ष तो बहुत दूर की बात है, अभी कुछ ही समय में बिजली और कोयले को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं।
ढिल्लों ने कहा, “यह इस समय पंजाब का बहुत बड़ा मुद्दा है। जिस तरह हम नशे की समस्या की बात कर रहे हैं, उसी तरह बिजली भी एक प्रमुख मुद्दा है।” उन्होंने दावा किया कि सरकार ने पचवारा कोयला खदान को लेकर बड़े आश्वासन दिए थे, लेकिन मौजूदा स्थिति उन दावों पर सवाल खड़े कर रही है। उन्होंने राज्य सरकार के थर्मल पावर प्लांट से जुड़े दावों का भी जिक्र किया। ढिल्लों के मुताबिक सरकार ने थर्मल प्लांट के अधिग्रहण के बाद पंजाब को बिजली के मामले में सरप्लस राज्य बनाने की बात कही थी। उन्होंने सवाल किया कि यदि सरकार के दावों के मुताबिक पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हैं तो बिजली को लेकर समस्या क्यों सामने आ रही है।
BJP नेता ने बिजली के मुद्दे को सीधे राज्य की जनता से जोड़ते हुए सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। उनके बयान से साफ है कि आने वाले दिनों में पंजाब की राजनीति में बिजली आपूर्ति, कोयले की उपलब्धता और ऊर्जा प्रबंधन को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तेज हो सकते हैं। हालांकि ढिल्लों की ओर से लगाए गए आरोप राजनीतिक दावे हैं। बिजली उत्पादन, पचवारा खदान से कोयले की वास्तविक आपूर्ति और राज्य की मौजूदा बिजली उपलब्धता के आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि इस बयान में उपलब्ध नहीं कराई गई है। इसलिए सरकार का पक्ष और आधिकारिक ऊर्जा आंकड़े भी इस मुद्दे पर महत्वपूर्ण होंगे।
पंजाब में बिजली की मांग खास तौर पर कृषि और गर्मी के मौसम में महत्वपूर्ण मुद्दा रहती है। ऐसे में ढिल्लों ने सरकार के पुराने दावों को आधार बनाकर बिजली प्रबंधन पर सवाल खड़े किए हैं। अब राज्य सरकार की ओर से इन आरोपों पर क्या जवाब आता है, इस पर नजर रहेगी। फिलहाल BJP ने बिजली के मुद्दे को लेकर सरकार के खिलाफ अपना राजनीतिक हमला तेज कर दिया है।