नई दिल्ली: ड्रोन हमलों के खिलाफ सुरक्षा को लेकर देश की तीनों सेना- आर्मी, नेवी और एयरफोर्स ने मिलकर DRDO द्वारा विकसित एंटी ड्रोन सिस्टम के लिए समझौता किया है। यह देश में विकसित किया गया पहला एंटी ड्रोन सिस्टम है। समझौते को 31 अगस्त को अंतिम रूप दिया गया, जो रक्षा मंत्रालय की तरफ से आपातकालीन अनुबंधों के तहत इसको पूरा करने की अंतिम तारीख थी।

ड्रोन हमलों से सुरक्षा के लिए तीनों रक्षा बलों सेना, नौसेना और वायु सेना ने DRDO की तरफ से विकसित एंटी ड्रोन सिस्टम को खरीदने के सौदों पर हस्ताक्षर किए हैं। इस दौरान सेना के सभी वरिष्ठ अधिकारी व DRDO के प्रतिनिधि मौजूद थे। बता दें कि ड्रोन के माध्यम से जम्मू एयरबेस में विस्फोटक गिराए जाने की घटना के बाद इन एंट्री-ड्रोन सिस्टम की आवश्यकता महसूस की गई थी।
DRDO द्वारा विकसित और भारत इलेक्ट्रानिक लिमिटेड (बीईएल) द्वारा बनाए गए ड्रोन डिटेक्ट, डिटर एंड डिस्ट्राय सिस्टम (डी4एस) भारतीय सशस्त्र बलों में शामिल होने वाला पहला स्वदेशी रूप से विकसित एंटी ड्रोन सिस्टम है।
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