नई दिल्ली: प्रीपेड मोबाइल यूज़र्स को रिचार्ज के मामले में ज़्यादा विकल्प देने के मकसद से लाए गए नए 30-दिन के रिचार्ज नियमों का राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने स्वागत किया है। उन्होंने इसे कम बजट वाले मोबाइल यूज़र्स की जीत बताया है।
30 दिन की वैलिडिटी वाले इन नए प्लान्स की तारीफ़ करते हुए, जाने-माने सांसद ने कहा कि इन बदलावों से ग्राहकों को ज़्यादा फ़्लेक्सिबिलिटी मिलेगी, खासकर उन लोगों को जो अपने फ़ोन का इस्तेमाल मुख्य रूप से वॉइस कॉल और SMS के लिए करते हैं।
उन्होंने सरकार के नए टेलीकॉम (तेरहवां संशोधन) नियमों का ज़िक्र करते हुए कहा कि 30-दिन के प्लान्स आने से ग्राहकों को साल में 13 बार के बजाय 12 बार रिचार्ज कराने की ज़रूरत पड़ेगी।
चड्ढा ने X पर पोस्ट किया: "भारत में प्रीपेड मोबाइल यूज़र्स के लिए अच्छी खबर है। सरकार ने अभी-अभी टेलीकॉम कंज्यूमर प्रोटेक्शन (तेरहवां संशोधन) नियम, 2026 पेश किए हैं। अब ग्राहकों को ये सुविधाएं मिलेंगी: 30-दिन के रिचार्ज प्लान (जिससे साल में 13 रिचार्ज की ज़रूरत घटकर 12 हो जाएगी), सिर्फ़ वॉइस और SMS वाले प्लान (उन लोगों के लिए जिन्हें डेटा की ज़रूरत नहीं है), और कम बजट वाले ग्राहकों के लिए ज़्यादा सही विकल्प (जिन्हें मुख्य रूप से बेसिक वॉइस कॉल की ज़रूरत होती है)।"
उन्होंने आगे कहा, "आप में से कई लोगों ने सीमित और कम फ़्लेक्सिबल रिचार्ज विकल्पों के बारे में अपनी चिंताएं मेरे साथ साझा की थीं। मैंने 11 मार्च को संसद में यह मुद्दा उठाया था और ग्राहकों के लिए ज़्यादा विकल्प और सस्ते ऑप्शन की मांग की थी। ग्राहकों की पसंद और सुविधा को ध्यान में रखते हुए इन चिंताओं का समाधान करने के लिए मैं भारत सरकार और TRAI का आभारी हूं।"
चड्ढा ने पहले भी 28-दिन के "मासिक" रिचार्ज साइकल पर चिंता जताई थी और ग्राहकों के लिए ज़्यादा बेहतर टेलीकॉम विकल्पों की मांग की थी।
गौरतलब है कि टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (TRAI) ने टेलीकॉम कंज्यूमर प्रोटेक्शन (तेरहवां संशोधन) नियम, 2026 जारी किए हैं। इनमें वॉइस और SMS सेवाओं के लिए स्पेशल टैरिफ वाउचर (STV) से जुड़े नियमों में बदलाव किए गए हैं।
स्पेशल टैरिफ वाउचर प्रीपेड टैरिफ प्रोडक्ट होते हैं, जिन्हें टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर खास सेवाओं और वैलिडिटी पीरियड के लिए पेश करते हैं। संशोधित नियमों के तहत, टेलीकॉम कंपनियों को उन ग्राहकों के लिए ज़्यादा 'सिर्फ़ वॉइस और SMS वाले STV' (स्पेशल टैरिफ़ वाउचर) देने होंगे जिन्हें बंडल किए गए डेटा सर्विस की ज़रूरत नहीं है।
नए नियमों के मुताबिक, टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स को 'सिर्फ़ वॉइस और SMS वाले STV' ऐसी वैलिडिटी अवधि के साथ देने होंगे जो बंडल किए गए वॉइस, SMS और डेटा STV के लिए उपलब्ध 30 दिन या उससे कम की वैलिडिटी अवधि के बराबर हों।
इन बदलावों का मकसद ग्राहकों को उनकी अपनी इस्तेमाल की ज़रूरतों के आधार पर प्रीपेड प्लान चुनने में ज़्यादा सुविधा देना है। खासकर, जिन यूज़र्स को मुख्य रूप से वॉइस कॉलिंग और SMS सर्विस की ज़रूरत होती है, उन्हें बंडल किए गए डेटा सर्विस का सब्सक्रिप्शन लिए बिना अतिरिक्त विकल्प मिलेंगे।
चड्ढा ने कहा कि उन्होंने 11 मार्च को संसद में सीमित और कम लचीले रिचार्ज विकल्पों पर चिंता जताई थी और ग्राहकों के लिए ज़्यादा विकल्प और किफायती दाम की मांग की थी।
नियामक बदलावों से अब टेलीकॉम यूज़र्स को अपनी खास ज़रूरतों के आधार पर प्लान चुनने के लिए एक व्यापक ढांचा मिलता है, जिसमें सिर्फ़ वॉइस और SMS सर्विस पर केंद्रित विकल्प भी शामिल हैं।
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