गुवाहाटी: असम और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में प्रशासन ने बांग्लादेशी घुसपैठियों को जारी किए गए 3,500 से अधिक जन्म प्रमाणपत्रों को रद्द कर दिया है। यह फैसला जांच में धोखाधड़ी का मामला सामने आने के बाद लिया गया है।
कैसे हुआ फर्जीवाड़ा?
- जांच में पाया गया कि बांग्लादेशी नागरिकों ने अवैध रूप से भारतीय दस्तावेज हासिल कर लिए थे।
- स्थानीय अधिकारियों और बिचौलियों की मदद से झूठे जन्म प्रमाणपत्र बनाए गए, जिनका इस्तेमाल नागरिकता और अन्य सरकारी सुविधाओं के लिए किया गया।
- कई फर्जी प्रमाणपत्रों पर गलत जन्म तिथियां और फर्जी पते दर्ज पाए गए।
प्रशासन की कार्रवाई
- असम और पश्चिम बंगाल के कई नगर निगमों और पंचायतों ने इन प्रमाणपत्रों को तत्काल रद्द कर दिया है।
- दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
- सरकार ने बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान के लिए दस्तावेजों की दोबारा जांच शुरू कर दी है।
क्या है असर?
- नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) को लेकर बढ़ी सतर्कता।
- सरकार अवैध घुसपैठियों पर और सख्ती कर सकती है।
- कई फर्जी भारतीय नागरिक सरकारी योजनाओं से बाहर हो सकते हैं।
सरकार का कहना है कि "अवैध नागरिकता प्राप्त करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।"