Kerala. केरल। राज्य की सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की विधायक कनाथिल जमीला का शनिवार को निधन हो गया। वे 59 वर्ष की थीं। पार्टी नेताओं ने इस दुखद समाचार की पुष्टि की और कहा कि जमीला का अंतिम संस्कार पारंपरिक ढंग से किया जाएगा। जमीला का इलाज कोझिकोड के एक निजी अस्पताल में किया जा रहा था, जहां वह कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही थीं। पार्टी सूत्रों ने बताया कि उन्होंने रात लगभग 8:45 बजे अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से पार्टी और क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
कनाथिल जमीला का राजनीतिक जीवन बेहद सक्रिय और प्रेरणादायक रहा। वे वर्ष 2021 में विधायक चुनी गई थीं। इसके पहले उन्होंने कोझिकोड जिला पंचायत की अध्यक्ष के रूप में अपनी सेवाएँ दीं। उनका पार्टी कार्य और जनसेवा में लंबा अनुभव रहा। जमीला ने अपने कार्यकाल के दौरान समाज के कमजोर वर्गों के कल्याण और महिलाओं की सशक्तिकरण के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। जमीला का जन्म कोझिकोड में हुआ था। उनका विवाह अब्दुल रहमान से हुआ था और उनके परिवार में एक बेटा और एक बेटी हैं। पार्टी नेताओं ने उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि जमीला न केवल एक समर्पित राजनेता थीं, बल्कि समाज में जनसेवा के लिए उनकी प्रतिबद्धता प्रशंसनीय थी।
उनकी पार्टी सहयोगियों ने बताया कि जमीला के निधन से माकपा और क्षेत्रीय राजनीति को अपूरणीय क्षति हुई है। उन्होंने कहा कि जमीला की राजनीति में सक्रिय भागीदारी, उनके लोकहितकारी दृष्टिकोण और नेतृत्व कौशल हमेशा याद किए जाएंगे। स्थानीय समुदाय और निर्वाचन क्षेत्र के नागरिकों ने भी जमीला के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। वे अपनी सरलता, जनता के प्रति समर्पण और सामाजिक न्याय के लिए किए गए कार्यों के कारण लोगों के दिलों में हमेशा जीवित रहेंगी।
जमीला का निधन राजनीतिक, सामाजिक और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में एक बड़ी क्षति मानी जा रही है। उनके सहयोगियों ने कहा कि उनकी याद में पार्टी आगे भी उनके आदर्शों और लक्ष्यों को आगे बढ़ाने का काम करेगी। अंत में पार्टी नेताओं और समर्थकों ने उनके परिवार के प्रति संवेदनाएँ व्यक्त कीं और कहा कि जमीला के योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। उनके निधन ने केरल की राजनीति में एक गहरी संवेदना और दुःख का माहौल उत्पन्न कर दिया है।