Jodhpur. जोधपुर। लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता और इंजीनियर सोनम वांगचुक को जोधपुर सेंट्रल जेल से 170 दिन बाद रिहा कर दिया गया। केंद्र सरकार ने शनिवार को उनके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) हटाने का आदेश जारी किया, जिसके तुरंत प्रभाव से रिहाई हुई। सरकार के अनुसार, वांगचुक ने NSA के तहत अपनी हिरासत की अवधि का लगभग आधा हिस्सा पूरा कर लिया था। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया कि यह आदेश तुरंत प्रभाव में लागू है।
रिहाई का क्रम
रिहाई के दिन सुबह करीब 10 बजे सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जेल पहुंचीं। जेल प्रशासन ने कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद दोपहर सवा एक बजे सोनम को पत्नी के साथ निजी कार में जेल से बाहर निकलते देखा गया। सोनम वांगचुक की हिरासत 26 सितंबर 2025 से शुरू हुई थी। इस दिन उन्हें लद्दाख में सामाजिक आंदोलन और हिंसा भड़काने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उनके आंदोलन के दौरान हुए हिंसक प्रदर्शन में 4 लोगों की मौत और 90 घायल हुए थे।
NSA और हिरासत का विवरण
राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) सरकार को अधिकार देता है कि वह ऐसे व्यक्तियों को हिरासत में ले सके, जिनसे देश की सुरक्षा या सार्वजनिक व्यवस्था को खतरा हो। इस कानून के तहत किसी व्यक्ति को अधिकतम 12 महीने तक नजरबंद रखा जा सकता है। सोनम के मामले में सरकार ने कहा कि हिरासत की अवधि का अधिकांश हिस्सा पूरा हो जाने के कारण अब उनका रिहाई उचित है। NSA हटने के बाद उन्हें जोधपुर सेंट्रल जेल से रिहा किया गया।