BIG BREAKING: स्लीपर बस में लगी भीषण आग, देखें VIDEO...

फैली सनसनी

Update: 2025-10-25 18:15 GMT
Ashoknagar. अशोकनगर। जिले के ईसागढ़ रोड पर शनिवार रात एक भीषण हादसा उस समय टल गया जब शिवपुरी जिले के पिछोर से इंदौर जा रही कमला ट्रैवल्स की यात्री बस में अचानक आग लग गई। आग इतनी तेजी से भड़की कि बस कुछ ही मिनटों में पूरी तरह जलकर खाक हो गई। घटना बमनावर गांव के पास रात लगभग 8 बजे हुई। बस में इंदौर जाने वाले लगभग सभी यात्रियों के साथ एक पुलिसकर्मी और चालक सवार थे। आग लगने के तुरंत बाद बस में अफरा-तफरी मच गई। लेकिन बस में सवार हेड कॉन्स्टेबल अरविंद सिंह रघुवंशी और ड्राइवर ने शांति बनाए रखते हुए यात्रियों को समय रहते बाहर निकाला। आसपास मौजूद ग्रामीण और अन्य लोग भी मदद के लिए दौड़े।
घटना की जानकारी मिलते ही ईसागढ़ और अशोकनगर पुलिस मौके पर पहुंच गई। आग बुझाने के लिए दमकल की एक गाड़ी को बुलाया गया, लेकिन पानी खत्म होने के बाद भी लपटों पर काबू नहीं पाया जा सका। इसके बाद दूसरी फायर ब्रिगेड को मौके पर बुलाया गया। बस स्टाफ ने बताया कि यह बस शिवपुरी जिले के पिछोर से चलकर ईसागढ़ और अशोकनगर के रास्ते इंदौर जा रही थी। बस में लगभग सभी सीटें भरी हुई थीं। आग लगने का प्राथमिक कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है, हालांकि जांच जारी है। हेड कॉन्स्टेबल अरविंद सिंह रघुवंशी ने बताया कि वह कदवाया थाने से डाक लेकर अशोकनगर जा रहे थे।
जैसे ही बमनावर गांव के पास पहुंचे, बस के अगले हिस्से में स्थित अल्टरनेटर से धुआं निकलना शुरू हुआ। देखते ही देखते आग की लपटें बढ़ गईं। उन्होंने कहा “तुरंत ही मैंने और ड्राइवर ने बस के सभी कांच तोड़ दिए और एक-एक कर सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद मैं बस के अंदर गया और जांच की कि कोई रह तो नहीं गया। अंदर कोई भी व्यक्ति नहीं था। बस पूरी तरह जल चुकी थी।” इस पूरी घटना में किसी भी यात्री के हताहत होने की सूचना नहीं है, जो एक बड़ी राहत की बात है। यात्रियों का कहना है कि हेड कॉन्स्टेबल और ड्राइवर की सहज और साहसी कार्यवाही के कारण कोई बड़ा नुकसान टल गया।
स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आग लगने का कारण अग्नि सुरक्षा नियमों की अनदेखी या शॉर्ट सर्किट हो सकता है। बस के पूरी तरह जलने के बाद, बस स्टाफ और पुलिस ने सुनिश्चित किया कि कोई भी सामान और व्यक्ति सुरक्षित बाहर निकाला गया। घटना स्थल पर पहुंचे आग बुझाने वाले कर्मचारियों ने बताया कि बस इतनी तेजी से जल गई कि कोई भी सामग्री या बेंच बच नहीं सकी। दमकल कर्मियों ने लगभग आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया।
स्थानीय ग्रामीणों और यात्रियों ने कहा कि अगर तुरंत कार्रवाई और मार्गदर्शन नहीं होता, तो इस हादसे में भारी हताहत होने की संभावना थी। आग लगने की जानकारी मिलने के बाद ग्रामीणों ने भी आग बुझाने में मदद की। बस स्टाफ ने बताया कि यात्रियों में किसी प्रकार की घबराहट नहीं हो, इसके लिए बस के अंदर और बाहर व्यवस्था बनाए रखी गई। सभी यात्रियों ने बताया कि हेड कॉन्स्टेबल और ड्राइवर ने अपने साहस और Presence of Mind से उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला। अशोकनगर पुलिस और फायर ब्रिगेड ने आग लगने के बाद बस के पूरे मार्ग और आसपास के इलाके की सुरक्षा सुनिश्चित की। इस घटना से यह स्पष्ट हो गया कि यात्री बसों की समय-समय पर सुरक्षा जांच और रखरखाव अत्यंत आवश्यक है।
बस में लगी आग के कारण कोई भी व्यक्ति घायल नहीं हुआ, लेकिन बस पूरी तरह जल गई, जिससे कंपनी को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। कंपनी के अधिकारी ने बताया कि वह घटना की जांच कर रहे हैं और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा उपायों को और कड़ा किया जाएगा। इस हादसे ने यात्रियों, स्थानीय लोगों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच सुरक्षा और सतर्कता की अहमियत को उजागर कर दिया है। बस में आग लगने की घटना यह साबित करती है कि सुरक्षा उपायों और तत्काल बचाव कार्य समय पर होने से बड़ा नुकसान टाला जा सकता है।
Tags:    

Similar News