BIG BREAKING: मोदी कैबिनेट ने महिला आरक्षण बिल को दी मंजूरी

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Update: 2026-04-08 15:19 GMT
New Delhi. नई दिल्ली। सरकार ने महिलाओं के लिए लंबे समय से प्रतीक्षित 33% आरक्षण बिल को कैबिनेट से मंजूरी दे दी है। इस मंजूरी के बाद यह बिल आगामी 16 अप्रैल से शुरू होने वाले विशेष संसद सत्र में पेश किया जाएगा। बिल में लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% सीटों का आरक्षण सुनिश्चित करने का प्रावधान है। सूत्रों के अनुसार, इस बिल में संविधान संशोधन बिल भी शामिल है, ताकि महिलाओं के आरक्षण को कानूनी रूप से मजबूत किया जा सके। यह आरक्षण 2029 के लोकसभा चुनाव से लागू होगा। इसके साथ ही 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन आयोग बनाने का प्रावधान भी शामिल है। इस आयोग की सिफारिशों के अनुसार लोकसभा की वर्तमान 543 सीटों को बढ़ाकर 816 कर दिया जाएगा। इस तरह वर्तमान सीटों का अनुपात बनाए रखते हुए महिलाओं के लिए 33% आरक्षण सुनिश्चित किया जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 6 अप्रैल को असम के बारपेटा में आयोजित एक चुनावी रैली में महिला आरक्षण बिल को लेकर बड़ा बयान दिया था। उन्होंने कहा कि संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण 2029 के लोकसभा चुनाव से लागू होगा। उन्होंने इस ऐतिहासिक कदम को महिलाओं के अधिकार और नारी शक्ति को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने पहले भी नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण) पारित किया था, जिसमें महिलाओं के लिए 33% आरक्षण तय किया गया था। उन्होंने कहा कि 40 साल से महिलाएं इसका इंतजार कर रही हैं और इसके लिए कानून में संशोधन आवश्यक था। इसलिए विशेष संसद सत्र बुलाया गया है, ताकि महिलाओं को इस अधिकार का लाभ समय पर मिल सके। सरकार का उद्देश्य केवल आरक्षण लागू करना ही नहीं है।

बल्कि संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाकर उन्हें निर्णायक भूमिका में लाना है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि नारी शक्ति को सशक्त करना हमारी सरकार की प्राथमिकता है और विकसित भारत के निर्माण में महिलाओं की बड़ी भूमिका आवश्यक है। विशेष संसद सत्र में महिला आरक्षण बिल के साथ-साथ परिसीमन आयोग से संबंधित बिल भी पेश किया जाएगा। इसके तहत विधानसभा और लोकसभा की सीटों में समायोजन किया जाएगा, ताकि महिलाओं को 33% आरक्षित सीटें सुनिश्चित हो सकें। यह कदम
लोकतांत्रिक प्रक्रिया
में महिलाओं की भागीदारी को मजबूती देगा और भविष्य में नीति निर्माण में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करेगा। यह बिल भारत के लोकतांत्रिक ढांचे में महिलाओं की स्थिति को मजबूत करेगा और सामाजिक और राजनीतिक समानता के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा। इसके साथ ही महिलाओं के लिए राजनीतिक अवसर बढ़ेंगे और उन्हें शासन प्रक्रिया में सीधे योगदान देने का अवसर मिलेगा। सरकार ने बताया कि इस बिल को लागू करने के लिए आवश्यक कानूनी संशोधन किए जाएंगे और संसद में इसे पारित कराने की पूरी प्रक्रिया सुनिश्चित की जाएगी। इससे महिलाओं के सशक्तिकरण और लोकतांत्रिक संस्थाओं में उनकी भागीदारी सुनिश्चित होगी।
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