New Delhi. नई दिल्ली। भारत के भगोड़े नीरव मोदी की मुश्किल एक बार फिर बढ़ गई है। भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी ने जमानत के लिए लंदन की एक अदालत में याचिका दाखिल की है। याचिका में नीरव ने अदालत से भारत प्रत्यर्पण तक उसे जमानत पर रिहा करने का अनुरोध किया। 55 वर्षीय नीरव ने कहा कि उसकी जान को भारत सरकार से खतरा है, इसलिए वह ब्रिटेन से फरार नहीं होगा। नीरव के वकील ने कहा कि उनके मुवक्किल ने किसी भी तरह के गलत काम से साफ इन्कार किया है। इसलिए उसे जमानत दी जाए। नीरव को मार्च 2019 में गिरफ्तार किया गया था, तब से ही वह जेल में बंद है। वह 2018 में भारत छोड़कर फरार हो गया था।
नीरव पर पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) को हजारों करोड़ रुपये का चूना लगाने का आरोप है। भारत प्रत्यर्पित करने के फैसले के खिलाफ नीरव की अपील को नवंबर 2022 में लंदन हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया था। ब्रिटेन के सर्वोच्च अदालत से भी उसकी अपील खारिज हो चुकी है। वर्ष 2018 में देश के दूसरे सबसे बड़े सरकारी बैंक पीएनबी में 114 अरब रुपये का घोटाला सामने आया। उस समय पीएनबी ने आरोप लगाया था कि अरबपति ज्वेलरी डिजाइनर नीरव मोदी ने बैंक की मुंबई स्थित एक शाखा से फर्जी तरीके से शपथ पत्र हासिल कर अन्य भारतीय बैंकों से विदेशों में पैसा हासिल कर लिया। देश का सबसे बड़े बैंकिंग घोटाला कहे जाने वाले इस मामले में पीएनबी ने अपने दस अधिकारियों को निलंबित करते हुए और सीबीआई से इसकी शिकायत की थी। घोटाले की खबर सामने आने के बाद पीएनबी के शेयरों में करीब दस फीसदी की गिरावट आई, जिससे निवेशकों के करीब 4000 करोड़ रुपये डूब गए।