Jaipur. जयपुर। राजस्थान में एसओजी (विशेष संचालन समूह) ने एसआई भर्ती-2021 के चर्चित पेपर लीक मामले में बड़ा एक्शन लेते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (PSO) राजकुमार यादव और उनके बेटे भरत यादव को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों को अदालत में पेश करने के बाद तीन दिनों की रिमांड पर लिया गया है, ताकि मामले की गहराई से पूछताछ की जा सके। यह कार्रवाई राज्य की सबसे चर्चित भर्ती परीक्षा घोटालों में से एक में एक और बड़ा नाम जुड़ने का संकेत देती है।
बेटे के लिए दबाव बनाकर हासिल किया था पेपर
जांच में सामने आया है कि एसआई भर्ती-2021 के दौरान, जब अशोक गहलोत मुख्यमंत्री थे, तब राजकुमार यादव ने अपने बेटे भरत यादव को पास करवाने के लिए पूरी साजिश रची। आरोप है कि उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय में अपने पद का दुरुपयोग करते हुए संबंधित अधिकारियों पर दबाव बनाया और परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक कर अपने बेटे तक पहुंचाया। प्रारंभिक पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ है कि भरत यादव फिजिकल टेस्ट में फेल हो गया था, लेकिन इसके बावजूद उसने इस चरण को भी फर्जी तरीके से पास कर लिया। एसओजी अब इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि फिजिकल टेस्ट में फर्जीवाड़ा किस स्तर पर और किन लोगों की मिलीभगत से किया गया।
गहलोत की प्रतिक्रिया – "कानून को अपना काम करने दें"
मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इंटरनेट मीडिया पर बयान जारी करते हुए कहा कि अगर कोई व्यक्ति अपराध में संलिप्त पाया जाता है तो कानून को अपना काम करने देना चाहिए। हालांकि, उन्होंने इस पर कोई सीधा राजनीतिक टिप्पणी नहीं की। गहलोत का यह बयान ऐसे समय आया है जब विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार और पूर्व सरकार दोनों पर सवाल उठा रहा है।
859 पदों के लिए हुई थी भर्ती
उल्लेखनीय है कि एसआई भर्ती-2021 के तहत राजस्थान पुलिस में 859 पदों के लिए लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी। यह परीक्षा युवाओं के लिए बड़े अवसर के रूप में देखी जा रही थी, लेकिन पेपर लीक की घटनाओं ने भर्ती की पूरी प्रक्रिया को कलंकित कर दिया। पेपर लीक के बाद राज्यभर में अभ्यर्थियों का गुस्सा भड़क उठा था और कई जिलों में प्रदर्शन भी हुए थे।
अब तक 44 प्रशिक्षु एसआई और कई बड़े नाम गिरफ्तार
इस घोटाले में अब तक 44 प्रशिक्षु सब-इंस्पेक्टरों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इसके अलावा राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के पूर्व सदस्य रामूराम रायका, पेपर लीक गिरोह के 30 से अधिक सदस्य, और कई बिचौलिए सलाखों के पीछे हैं। एसओजी का दावा है कि इस गिरोह का नेटवर्क व्यापक था, जो परीक्षा के पेपर को लीक कर उसे लाखों रुपये में बेचता था।
भरत यादव की भूमिका पर फोकस
जांच एजेंसी अब भरत यादव की भूमिका की गहराई से जांच कर रही है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, उसे न केवल लिखित परीक्षा का पेपर पहले ही मिल गया था, बल्कि फिजिकल टेस्ट में भी पूरी तैयारी के बावजूद फेल होने के बाद उसे फर्जी तरीके से पास करवाया गया। एसओजी यह पता लगाने में जुटी है कि फिजिकल टेस्ट में पास करवाने के लिए किन अधिकारियों और कर्मचारियों की मदद ली गई।
राजनीतिक माहौल गरमाया
इस ताजा गिरफ्तारी के बाद राजस्थान का राजनीतिक माहौल एक बार फिर गरमा गया है। विपक्ष का आरोप है कि गहलोत सरकार के समय में पेपर लीक जैसे मामलों में बड़े स्तर पर राजनीतिक संरक्षण दिया गया। वहीं, कांग्रेस नेता इस गिरफ्तारी को कानून के प्रति गहलोत की पारदर्शिता के उदाहरण के रूप में पेश कर रहे हैं।
आगे की जांच
एसओजी अधिकारियों का कहना है कि तीन दिनों की रिमांड के दौरान राजकुमार यादव और भरत यादव से कई अहम सवाल पूछे जाएंगे। पूछताछ में इस बात की भी जांच होगी कि पेपर लीक करने में किन सरकारी अधिकारियों, परीक्षा बोर्ड के सदस्यों या बाहरी गिरोह के लोगों की सीधी भागीदारी थी। साथ ही, यह भी पता लगाया जाएगा कि लीक हुए पेपर से कितने और उम्मीदवार लाभान्वित हुए। राजस्थान एसआई भर्ती-2021 का यह घोटाला राज्य की भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर एक बड़ा सवाल खड़ा कर चुका है। ताजा गिरफ्तारी ने न केवल इस मामले को फिर से सुर्खियों में ला दिया है, बल्कि यह भी संकेत दे दिया है कि आने वाले दिनों में और बड़े नाम इस जांच के घेरे में आ सकते हैं।