BIG BREAKING: पाकिस्तान, अफगानिस्तान और ताजिकिस्तान पर भूकंप के झटके

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Update: 2025-05-24 17:48 GMT
New Delhi. नई दिल्ली। शनिवार सुबह दक्षिण एशिया के कई सीमावर्ती इलाकों में धरती थर्रा उठी जब पाकिस्तान, अफगानिस्तान और ताजिकिस्तान में रिक्टर स्केल पर 4.2 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। यह भूकंपीय घटना स्थानीय समय अनुसार सुबह करीब 9 बजे महसूस की गई, जिसने लोगों को एक बार फिर धरती के भीतर छिपी अस्थिरता का अहसास कराया। भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान के हिंदूकुश पर्वतीय क्षेत्र में बताया गया है, जो पहले भी कई बार शक्तिशाली भूकंपों का स्रोत रह चुका है। यह इलाका तीन प्रमुख टेक्टॉनिक प्लेटों—भारतीय, यूरेशियन और अरबी प्लेट—के संगम पर स्थित होने के कारण भूगर्भीय दृष्टि से बेहद संवेदनशील माना जाता है।

भूकंप के झटके इतने तीव्र थे कि पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा, अफगानिस्तान के उत्तरी इलाकों, तथा ताजिकिस्तान के कुछ सुदूरवर्ती क्षेत्रों में इनका साफ-साफ असर महसूस किया गया। झटकों की वजह से कई स्थानों पर लोग घबराकर अपने घरों, दफ्तरों और दुकानों से बाहर निकल आए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इमारतें हिलती हुई महसूस हुईं, और कई घरों में दरवाजे व खिड़कियां तेज़ी से कंपन करने लगीं। हालाँकि इस भूकंप के बाद अभी तक कहीं से भी किसी प्रकार के बड़े जान-माल के नुकसान की खबर नहीं आई है, फिर भी लोगों में चिंता और भय का माहौल बना रहा।

भू-वैज्ञानिकों की चेतावनी : संवेदनशील है यह क्षेत्र
भू-वैज्ञानिकों के अनुसार हिंदूकुश क्षेत्र वर्षों से भूगर्भीय हलचलों का केंद्र रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि “यह इलाका एक टेक्टॉनिक इंटरफेस है, जहाँ भारतीय प्लेट यूरेशियन प्लेट के नीचे खिसक रही है। इससे यहां अक्सर भूकंपीय ऊर्जा का संचित होना और फिर वह अचानक मुक्त होना स्वाभाविक है।” पिछले कुछ दशकों में इस क्षेत्र में कई बार 6.0 से अधिक तीव्रता वाले भूकंप भी आए हैं, जिनमें सैकड़ों लोगों की जान गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि हल्के भूकंप एक राहत की तरह होते हैं क्योंकि ये बड़ी ऊर्जा को छोटे-छोटे भागों में निकाल देते हैं, जिससे बड़े झटकों की संभावना कुछ हद तक कम हो सकती है।

सरकारी तंत्र सतर्क, रेस्क्यू दल अलर्ट पर
हालांकि कोई बड़ा नुकसान दर्ज नहीं हुआ है, लेकिन पाकिस्तान, अफगानिस्तान और ताजिकिस्तान की प्रशासनिक एजेंसियों ने भूकंप के मद्देनज़र आपातकालीन रेस्क्यू दलों को सतर्क कर दिया है। अफगानिस्तान की आपदा प्रबंधन एजेंसी ने कहा कि उन्होंने संबंधित इलाकों में अपने स्थानीय कर्मचारियों से स्थिति की रिपोर्ट मंगाई है, और किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं। पाकिस्तान के मौसम विज्ञान विभाग ने भी कहा है कि भूकंप के बाद की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है, और भविष्य में किसी भी आफ्टर-शॉक की आशंका को देखते हुए नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
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