ममता बनर्जी पर चाकू से हमले की कोशिश, दुर्गा पंडाल जाते समय महिला ने किया हंगामा
नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास के पास मंगलवार शाम एक महिला पर चाकू लेकर उनकी ओर बढ़ने की कोशिश करने का आरोप लगा है। घटना के समय ममता दुर्गा पूजा पंडाल का उद्घाटन करने जा रही थीं। वह सुरक्षित रहीं और बाद में कार्यक्रम में शामिल हुईं। TMC की पूर्व राज्यसभा सांसद डोला सेन ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। आरोपी महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। TMC ने घटना के पीछे साजिश की आशंका जताई है, जबकि पुलिस वीडियो फुटेज की जांच कर रही है।
हालांकि, इस घटना में ममता बनर्जी को कोई चोट नहीं आई। घटना के बाद उन्होंने कालीघाट मिलन संघ के दुर्गा पूजा पंडाल का उद्घाटन किया और फिर अपने आवास लौट गईं। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने महिला को पकड़ लिया। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया।
डोला सेन ने दर्ज कराई शिकायत, महिला पर लगाए आरोप
तृणमूल कांग्रेस (TMC) की पूर्व राज्यसभा सांसद डोला सेन ने इस मामले में पुलिस से शिकायत की है। उनकी शिकायत के मुताबिक, आरोपी महिला का नाम तनिष्ठा साहा है। उसे इलाके में सिविक वॉलंटियर के तौर पर पहचाना जाता है।
डोला सेन ने आरोप लगाया कि महिला ने खुद को ममता बनर्जी की भतीजी बताया और इस पहचान के सहारे उनके पास पहुंचने की कोशिश की। शिकायत के अनुसार, इसके बाद महिला सड़क पर लेट गई और हंगामा करने लगी।
सेन ने यह भी आरोप लगाया कि महिला नशे की हालत में गाली-गलौज कर रही थी और चाकू लेकर ममता बनर्जी की तरफ बढ़ने का प्रयास कर रही थी। इस घटना के बाद TMC की ओर से साजिश की आशंका भी जताई गई है। हालांकि, घटना के पीछे किसी साजिश की पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले में पुलिस की जांच जारी है।
पुलिस खंगाल रही वीडियो फुटेज, लोगों से भी होगी पूछताछ
समाचार एजेंसी PTI के मुताबिक, पुलिस ने आरोपी महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारी घटना के समय के वीडियो फुटेज की भी जांच कर रहे हैं, ताकि यह समझा जा सके कि मौके पर क्या हुआ था। पुलिस उन लोगों से भी जानकारी जुटाएगी, जो घटना के समय वहां मौजूद थे। जांच में महिला की गतिविधियों और घटनाक्रम से जुड़े दूसरे पहलुओं को समझने की कोशिश की जा रही है।
फिलहाल पुलिस की ओर से पूछताछ और वीडियो की जांच जारी होने की जानकारी दी गई है। घटना के पीछे की वजह और महिला के कथित इरादे को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेगा।
ममता बनर्जी को Z+ श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है। यह देश में दी जाने वाली उच्च सुरक्षा श्रेणियों में शामिल है। इस तरह की सुरक्षा आम तौर पर उन लोगों को दी जाती है, जिनके लिए सुरक्षा एजेंसियों के आकलन में गंभीर खतरे की आशंका होती है। Z+ सुरक्षा व्यवस्था में सामान्य तौर पर करीब 50 से 55 सुरक्षाकर्मी शामिल हो सकते हैं। इनमें संबंधित व्यक्ति के आसपास रहने वाले सुरक्षाकर्मी, आवास की निगरानी करने वाले जवान और यात्रा के दौरान सुरक्षा देने वाले कर्मचारी शामिल होते हैं।
सुरक्षाकर्मी अलग-अलग शिफ्ट में अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं, जिससे दिन-रात सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी जा सके। हालांकि, सुरक्षा में तैनात कर्मियों की वास्तविक संख्या संबंधित व्यक्ति के खतरे के आकलन और तय प्रोटोकॉल के अनुसार बदल सकती है। ममता बनर्जी के आवास के पास हुई इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था और महिला की गतिविधियों को लेकर सवाल उठे हैं। पुलिस फिलहाल मामले की पड़ताल कर रही है।
घटना के बाद भी ममता ने पूरा किया कार्यक्रम
आरोपित घटना के बावजूद ममता बनर्जी ने अपना निर्धारित कार्यक्रम जारी रखा। उन्होंने कालीघाट मिलन संघ के दुर्गा पूजा पंडाल का उद्घाटन किया और इसके बाद अपने आवास वापस चली गईं। इस मामले में अब पुलिस की जांच पर नजर रहेगी। वीडियो फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और आरोपी महिला से पूछताछ के आधार पर घटनाक्रम को स्पष्ट करने की कोशिश की जा रही है। वहीं, TMC ने घटना को लेकर साजिश की आशंका जताई है, जिसकी पुष्टि होना अभी बाकी है।