भोपाल: भोपाल नगर निगम की महापौर मालती राय की गाड़ी में सोमवार काे आग लगाने की कोशिश की गई। महापौर की अटैच्ड कार निगम मुख्यालय की पार्किंग में खड़ी थी। तभी एक दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी आया और छत पर कागजों की पॉलिथिन रखकर उसमें आग लगा दी। कोई कुछ समझ पाता, उससे पहले ही पॉलिथिन तेजी से जलने लगी। आग बुझाने के लिए आसपास मौजूद कर्मचारी दौड़ पड़े।
घटना करीब पौने 3 बजे की है। तब महापौर अपने फर्स्ट फ्लोर स्थित ऑफिस में थीं। इसी दौरान सुनील गायकवाड़ नाम का कर्मचारी आया और हंगामा करने लगा।
बताया जाता है कि सुनील दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी हैं और नियमित करने की मांग कर रहा है। वह कर्मचारी संगठन- सम्राट अशोक संगठन का अध्यक्ष भी हैं। जिसने नियमितिकरण की मांग उठाई है। नियमित नहीं करने से नाराज होकर वह सोमवार दोपहर निगम मुख्यालय पहुंचा। इस दौरान कागजों से भरी एक पॉलीथिन को पहले छत पर रखा और फिर उसमें आग लगा दी। इसके बाद वो मंत्री, महापौर के विरोध में नारेबाजी भी करने लगा। अपर आयुक्त वरुण अवस्थी का कहना है कि घटना गलत है। दोषी कर्मचारी के ऊपर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
कर्मचारी ने इसलिए आग लगाने की कोशिश की
29 दिवस वाले कर्मचारियों को स्थायी किया जाए।
सभी कर्मचारियों को आठवां वेतनमान स्वीकृत किया जाए, जो शासन द्वारा अन्य कर्मचारियों को भुगतान हो रहा है।
सभी कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन दी जाए।
नगर निगम भोपाल में कार्यरत कर्मचारियों से दलालों को दूर किया जाए।
कर्मचारी ने दौड़कर बुझाई आग
कार के ऊपर आग लगता देख एक कर्मचारी दौड़ा और उसे बुझाने लगा। इससे गाड़ी जलने से बच गई।
हाथ में लगी थी सिरिंज
दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी सुनील के एक हाथ में सिरिंज लगी थी। ऐसे में संभावना है कि वे अस्पताल में इलाज करा रहा था और सीधे वहां से यहां आ गया।
सीसीटीवी फुटेज देखें, मीडिया से बात नहीं की
इस घटना के बाद महापौर राय कुछ देर अपने केबिन में बैठीं। घटना को लेकर मीडिया से बात नहीं की। इधर, महापौर की गाड़ी को भी निर्धारित जगह से अन्य जगह पर खड़ा कर दिया गया। पार्किंग में सीसीटीवी कैमरे भी लगे थे। जिसे महापौर ने देखें। जानकारी के अनुसार, संबंधित कर्मचारी पर पुलिस कार्रवाई भी की जा रही है।