कुल्लू। भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने महिलाओं के चरित्र पर सवाल उठाकर उन्हें बदनाम करने की प्रवृत्ति को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने सोमवार को कहा कि महिलाओं के खिलाफ चरित्र हनन का इस्तेमाल लंबे समय से किया जाता रहा है और यह केवल भारत तक सीमित नहीं है।

कंगना रनौत ने समाज से आत्ममंथन करने की अपील करते हुए कहा कि लोगों को यह सोचने की जरूरत है कि महिलाओं के साथ किस तरह का व्यवहार किया जाता है और किसी भी विवाद में महिलाओं को ही निशाना क्यों बनाया जाता है।

महिलाओं को निशाना बनाए जाने पर जताई चिंता

कुल्लू में जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति की बैठक की अध्यक्षता करने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए कंगना रनौत ने महिलाओं के खिलाफ होने वाली टिप्पणियों और आरोपों पर अपनी बात रखी।

उन्होंने कहा कि महिलाओं को बदनाम करने के लिए उनके चरित्र पर हमला करना एक पुराना तरीका रहा है। कई मामलों में किसी विवाद या व्यक्तिगत मामले में सबसे पहले महिला के सम्मान को निशाना बनाया जाता है।

कंगना ने कहा कि यह सोच बदलने की जरूरत है और समाज को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

तृषा से जुड़े विवाद का किया जिक्र

कंगना रनौत ने तमिलनाडु में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन की ओर से अभिनेत्री तृषा को लेकर की गई कथित अपमानजनक टिप्पणियों का भी जिक्र किया।

उन्होंने कहा कि जब भी किसी महिला से जुड़ा कोई विवाद सामने आता है तो अक्सर महिला को ही कठघरे में खड़ा किया जाता है।

कंगना ने कहा कि यदि किसी मामले में दो लोगों के बीच संबंध या कोई व्यक्तिगत विषय शामिल हो, तब भी सार्वजनिक चर्चा के दौरान महिला के सम्मान और चरित्र को निशाना बनाना गलत है।

‘हमेशा महिला को ही क्यों ठहराया जाता है जिम्मेदार’

कंगना ने बातचीत के दौरान कहा कि किसी भी विवाद में गाली-गलौज और चरित्र हनन की स्थिति बनने पर अक्सर महिला को ही निशाना बनाया जाता है।

उन्होंने सवाल उठाया कि समाज में महिलाओं के प्रति ऐसी सोच क्यों बनी हुई है, जहां किसी घटना के लिए जिम्मेदारी तय करने से पहले महिला के चरित्र पर सवाल उठने लगते हैं।

उन्होंने कहा कि यह मानसिकता केवल किसी एक राज्य या देश की समस्या नहीं है, बल्कि दुनिया के कई हिस्सों में महिलाओं को ऐसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है।

समाज से बदलाव की अपील

भाजपा सांसद ने कहा कि समाज को महिलाओं के प्रति अपने नजरिए में बदलाव लाने की जरूरत है।

उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी भी मामले में बिना पूरी जानकारी के किसी महिला के खिलाफ टिप्पणी करने से बचें।

कंगना के अनुसार, महिलाओं का सम्मान केवल कानून का विषय नहीं है, बल्कि यह सामाजिक जिम्मेदारी भी है।

राजनीति और सिनेमा दोनों में सक्रिय हैं कंगना

कंगना रनौत लंबे समय तक फिल्म जगत में सक्रिय रहने के बाद अब राजनीति में भी भूमिका निभा रही हैं। वह भाजपा सांसद के तौर पर सार्वजनिक मुद्दों पर अपनी राय रखती रहती हैं।

महिला सुरक्षा, सम्मान और सामाजिक मुद्दों को लेकर वह पहले भी कई बार बयान दे चुकी हैं।

चरित्र हनन पर लंबे समय से बहस

महिलाओं के चरित्र पर टिप्पणियों और सार्वजनिक जीवन में उनके प्रति व्यवहार को लेकर देश में लंबे समय से बहस होती रही है।

सामाजिक विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी व्यक्ति के निजी जीवन को लेकर अपमानजनक टिप्पणी करना उचित नहीं है। विशेष रूप से महिलाओं के मामले में चरित्र आधारित टिप्पणियां उनके सम्मान और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती हैं।

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