श्रीनगर: थल सेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ ने चिनार कॉर्प्स के अंतर्गत आने वाले राष्ट्रीय राइफल्स के सेक्टर मुख्यालय का दौरा किया और आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिए ऑपरेशनल तैयारियों की समीक्षा की।
सेना के एडीजी पीआई (अतिरिक्त लोक सूचना महानिदेशालय) द्वारा 'एक्स' पर दी गई जानकारी के अनुसार, दौरे के दौरान सेनाध्यक्ष को मौजूदा सुरक्षा स्थिति और आतंकी खतरों का पता लगाने, उन्हें रोकने और निर्णायक जवाब देने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी दी गई।
बता दें कि राष्ट्रीय राइफल्स कश्मीर घाटी में चिनार कॉर्प्स (15 कॉर्प्स) के तहत काम करती है। यह जम्मू-कश्मीर में तैनात एक विशेष आतंकवाद-रोधी बल है और घाटी में सुरक्षा ग्रिड को संभालती है। कश्मीर घाटी में इसकी यूनिट्स और सेक्टर मुख्यालय श्रीनगर स्थित चिनार कॉर्प्स के ऑपरेशनल नियंत्रण में काम करते हैं।
सेनाध्यक्ष ने सभी रैंकों के जवानों के प्रोफेशनलिज्म, प्रतिबद्धता और ऑपरेशनल तैयारी के उच्च मानकों की सराहना की। उन्होंने जवानों से लगातार सतर्क रहने, खुफिया जानकारी पर आधारित अभियानों को और तेज करने और उभरते खतरों पर तेजी और सटीकता से जवाब देने की क्षमता बनाए रखने का आह्वान किया।
उन्होंने स्थितिजन्य जागरूकता बढ़ाने और समग्र आतंकवाद-रोधी प्रतिक्रिया को मजबूत करने के लिए सभी हितधारकों के साथ सहज तालमेल और करीबी समन्वय के महत्व पर भी जोर दिया। इस दौरान सेनाध्यक्ष ने वीरता और अनुकरणीय सेवा के लिए योग्य सैनिकों को सीओएएस प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किए। यह सम्मान आतंकवाद विरोधी अभियानों में उनके साहस और योगदान को देखते हुए दिया गया।
उन्होंने खतरे से हमेशा आगे रहने, लगातार ऑपरेशनल फोकस बनाए रखने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए समन्वित और संतुलित प्रतिक्रिया देने की जरूरत पर जोर दिया। भारतीय सेना ने कहा कि 'जय से विजय' की भावना के अनुरूप, भारतीय सेना आतंकवाद का मुकाबला करने, तालमेल मजबूत करने, लोगों की रक्षा करने और सुरक्षित माहौल बनाए रखने के लिए दृढ़ है।
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