ममता बनर्जी को एक और तगड़ा झटका...

Update: 2026-06-10 06:16 GMT
नई दिल्ली: तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को एक और बड़ा झटका लगा है. पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी की करीबी मानी जाने वाली राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. सुष्मिता देव का इस्तीफा ऐसे समय आया है जब टीएमसी पहले से ही अंदरूनी असंतोष और नेताओं के पार्टी छोड़ने की घटनाओं का सामना कर रही है.
उनके इस्तीफे को पार्टी के लिए एक और राजनीतिक झटके के तौर पर देखा जा रहा है. हालांकि, इस्तीफे के पीछे की वजहों को लेकर अभी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है. सुष्मिता देव लंबे समय से टीएमसी का प्रमुख चेहरा रही हैं और पार्टी की ओर से राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाती रही हैं.
बता दें कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव हारने के बाद से ममता बनर्जी की पार्टी TMC की रार खुलकर सामने आ गई है. पार्टी के कई नेताओं ने महज महीने भर के अंदर शीर्ष नेतृत्व से दूरी बनाना शुरू कर दिया है.
वहीं पार्टी में लोकल लेवल से लेकर राष्ट्रीय स्तर के नेताओं के एक के बाद एक इस्तीफे हो रहे हैं. आलम यह है कि धीरे-धीरे ममता बनर्जी अकेली पड़ती जा रही हैं. उनके कई करीबी उनका साथ छोड़ चुके हैं. इनमें काकोली घोष दस्तीदार, सुखेंदु शेखर के नाम प्रमुख हैं. वहीं अब सुष्मिता देव ने भी राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है.
पश्चिम बंगाल की सत्ता से बाहर होते ही ममता बनर्जी की पार्टी ताश के पत्ते की तरह बिखरती जा रही है. विधायक दल में बिखराव के बाद टीएमसी के सांसदों में टूट कन्फर्म हो गई है. टीएमसी के बागी गुट का दावा है कि पार्टी के 28 लोकसभा सांसदों में से 20 सांसद एक अलग गुट बनाने और बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए को समर्थन करने का फैसला किया है.
बता दें कि पश्चिम बंगाल में टीएमसी के कुल 28 लोकसभा सांसद है. इससे पहले काकोली घोष ने दावा किया था कि टीएमसी के 20 सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर संसद में अलग व्यवस्था देने की मांग की है. टीएमसी के बागी सांसदों ने एनडीए में शामिल होने की इच्छा जतायी है.
काकोली घोष के साथ टीएमसी के जो सांसद फिलहाल खड़े हैं, उसमें 20 सांसदों का दावा किया जा रहा है. लेकिन अभी तक जो नाम सामने आए हैं, उसमें टीएमसी के 14 सांसद के नाम है. काकोली घोष के साथ में शताब्दी रॉय, बापी हलदर, अरूप चक्रवर्ती, जून मालिया, दीपक अधिकारी (देव), कालीपदा सरेन, जगदीश बसुनिया, असित मल, अबू ताहिर खान, खलीकुर रहमान, शर्मिला सरकार, प्रसून बनर्जी और पार्थ भौमिक हैं.
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