Delhi दिल्ली: भारतीय सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने फ्रांस की वायु और अंतरिक्ष सेना के उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल डोमिनिक टारडिफ के साथ अहम बातचीत की। यह मुलाकात रक्षा और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए की गई थी।
बैठक में मुख्य रूप से इंटेलिजेंस शेयरिंग, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण पर जोर दिया गया। दोनों पक्षों ने अंतरिक्ष और साइबर डोमेन में सहयोग के अवसरों पर विस्तृत चर्चा की। इसके अलावा, निचले स्तर की तकनीकों और रक्षा उद्योग में साझेदारी के विस्तार की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श हुआ।
HQ IDS के बयान के अनुसार, बातचीत का उद्देश्य दोनों देशों के बीच रणनीतिक तकनीकी और औद्योगिक सहयोग को और मजबूत करना था। इस दौरान दोनों पक्षों ने प्रशिक्षण कार्यक्रमों और विशेषज्ञ आदान-प्रदान के जरिए क्षमताओं के निर्माण की दिशा में कदम उठाने पर सहमति व्यक्त की।
बैठक में साइबर सुरक्षा, अंतरिक्ष निगरानी और उन्नत तकनीकी समाधानों में साझा परियोजनाओं पर भी चर्चा हुई। यह बैठक भारत-फ्रांस के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूती देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। सैन्य विशेषज्ञों के अनुसार, यह संवाद दोनों देशों के बीच उच्च तकनीकी और रक्षा उद्योग सहयोग की नींव को मजबूत करेगा और भविष्य में संयुक्त अभ्यास, प्रशिक्षण और तकनीकी विकास को गति देगा।
बैठक के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि दोनों देशों का लक्ष्य सुरक्षा, तकनीकी नवाचार और अंतरिक्ष तथा साइबर क्षमताओं में तालमेल बढ़ाना है, ताकि क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों का सामूहिक रूप से सामना किया जा सके। इस संवाद से यह संकेत भी मिलता है कि भारत और फ्रांस भविष्य में रक्षा और तकनीकी सहयोग के नए आयाम स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।