घंटों की कोशिश के बाद नदी में डूबे इंजीनियरिंग कॉलेज के दो छात्रों के शव बरामद
मचा कोहराम.
जमशेदपुर: जमशेदपुर के खरकाई नदी में नहाने उतरे आरवीएस इंजीनियरिंग कॉलेज के तीन छात्र डूब गए। इनमें से एक को बचा लिया गया है, जबकि दो अन्य की मौत हो गई है। दोनों मृतकों के शव रविवार को एनडीआरएफ टीम और स्थानीय गोताखोरों की मदद से निकाले गए हैं।
बताया गया कि शनिवार शाम जमशेदपुर के बागबेड़ा निवासी पार्थ कुमार के जन्मदिन के मौके पर उसके साथ दो दोस्त शुभम कुमार और शशांक मस्ती करने खरकाई नदी में बागबेड़ा घाट गए थे। तीनों ने वहां पार्टी की और इसके बाद नहाने के लिए घाट से नीचे उतरे। इस दौरान तीनों गहरे पानी में चले गए। मौके पर मौजूद एक स्थानीय युवक ने उन्हें डूबते देखा तो उनकी मदद की कोशिश की।
बांस की सहायता से वह तीनों में से एक पार्थ कुमार को निकालने में सफल रहा, जबकि शुभम और शशांक बाहर नहीं आ पाए। पार्थ को गंभीर स्थिति में स्थानीय सेवा सदन अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों के प्रयास से उसकी जान बच गई। घटना की सूचना पाने के बाद नदी में डूबे युवकों की तलाश के लिए एनडीआरएफ की टीम ने शनिवार देर रात तक रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया, लेकिन उनका पता नहीं चला। रविवार को कई घंटों की कोशिश के बाद दोनों युवकों के शव बरामद किए गए।
बागबेड़ा थाना प्रभारी ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया गया है। प्रारंभिक जांच में यह हादसा दुर्घटना प्रतीत हो रहा है, लेकिन पुलिस सभी पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है। मृतकों के परिजन गहरे सदमे में हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बड़ौदा घाट अत्यंत खतरनाक है, जहां पहले भी कई बार हादसे हो चुके हैं। इसके बावजूद यहां पर प्रशासन की ओर से न तो चेतावनी का कोई बोर्ड लगाया गया है और न ही सुरक्षा के लिए लाइफ गार्डों की तैनाती की गई है। झारखंड में पिछले 40 दिनों के दौरान जलाशय, झरना, डैम, तालाब में डूबने की अलग-अलग घटनाओं में 30 से अधिक मौतें हो चुकी हैं।