पंजाब में जिम्मेदारी मिलने के बाद सचिन पायलट ने राहुल और प्रियंका से मुलाकात की
जयपुर: कांग्रेस नेता और राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने मंगलवार को दिल्ली में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा से मुलाकात की। यह मुलाकात उन्हें पार्टी का पंजाब प्रभारी बनाए जाने के कुछ ही समय बाद हुई।
पायलट ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ अपनी मुलाकात की तस्वीर शेयर की और कहा कि आज सुबह विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी से मुलाकात की और पंजाब की जिम्मेदारी सौंपने के लिए उनका आभार व्यक्त किया।
राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम ने कहा कि मुझे पूरा भरोसा है कि सामूहिक प्रयासों, एक मजबूत संगठन और हमारे पार्टी कार्यकर्ताओं की ऊर्जा से कांग्रेस पंजाब में सत्ता में वापसी करेगी। हमारी कोशिशें पंजाब के बेहतर भविष्य के निर्माण और किसानों व युवाओं सहित समाज के हर वर्ग के अधिकारों की रक्षा और उन्हें बनाए रखने के प्रति पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता से प्रेरित होंगी।
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने नई जिम्मेदारी संभालने पर नई दिल्ली में 10 जनपथ पर सचिन पायलट को बधाई भी दी। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, शिष्टाचार भेंट कही जा रही इस बैठक में पंजाब में कांग्रेस के सामने मौजूद राजनीतिक और संगठनात्मक चुनौतियों और 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारियों पर भी चर्चा हुई।
पायलट की नियुक्ति पंजाब कांग्रेस के लिए एक अहम समय पर हुई है, जो अपने संगठन को मजबूत करने और खोई हुई राजनीतिक जमीन वापस पाने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस के सामने पंजाब में अलग-अलग गुटों को एक साथ लाने और वरिष्ठ नेताओं, विधायकों और जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं के बीच तालमेल बेहतर बनाने की तत्काल चुनौती है।
कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि 10 जनपथ पर हुई बैठक में पंजाब के लिए कांग्रेस के रोडमैप, संगठनात्मक गतिविधियों और 2027 के चुनावों की तैयारियों पर शुरुआती चर्चा हुई। हालांकि, कांग्रेस ने बंद दरवाजे के पीछे हुई बातचीत की जानकारी आधिकारिक तौर पर जारी नहीं की है।
उम्मीद है कि पायलट जल्द ही चंडीगढ़ का दौरा करेंगे, जहां वे पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, विधायकों और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें करेंगे ताकि संगठन की स्थिति का जायजा लिया जा सके और आगे की रणनीति तय की जा सके।
पंजाब की यह जिम्मेदारी राजस्थान से बाहर पायलट की संगठनात्मक जिम्मेदारियों का एक अहम विस्तार है। 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले, राज्य पार्टी यूनिट को एकजुट करने और चुनाव के लिए असरदार रणनीति बनाने की उनकी क्षमता पर सबकी नजर रहेगी।
पंजाब में सफल कार्यकाल पायलट की राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस के भीतर स्थिति को मजबूत कर सकता है, जबकि फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती हाई कमान के भरोसे को जमीनी स्तर पर संगठनात्मक तेजी में बदलना है।