चक्रवात 'अर्नब' के ओडिशा की ओर बढ़ने पर प्रशासन अलर्ट, 313 रिस्पॉन्स टीमें तैनात : मंत्री सुरेश पुजारी
भुवनेश्वर: आंध्र प्रदेश तट पर चक्रवात 'अर्नब' के लैंडफॉल (तट से टकराने) होने के बाद ओडिशा के राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने बुधवार को राज्य की तैयारियों और चक्रवात के संभावित असर की समीक्षा की। समीक्षा बैठक के दौरान राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अरबिंद पाधी, विशेष राहत आयुक्त राजेश प्रभाकर पाटिल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
समीक्षा के बाद मीडिया को जानकारी देते हुए पुजारी ने बताया कि आंध्र प्रदेश में काकीनाडा के पास रात करीब 1:30 बजे लैंडफॉल की प्रक्रिया शुरू हुई, जो अभी भी जारी है। राज्य सरकार को मिली ताजा जानकारी के अनुसार, यह चक्रवाती सिस्टम अभी एक ही जगह पर रुका हुआ है और इसके उत्तर तथा उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने का इंतजार है।
उन्होंने बताया कि इस सिस्टम के ओडिशा की ओर बढ़ने की संभावना है, जिसमें मलकानगिरी जिले पर सबसे ज्यादा असर पड़ सकता है। कोरापुट, नबरंगपुर, गंजाम, गजपति और रायगड़ा जिलों के भी प्रभावित होने की आशंका है। इसके अलावा कंधमाल, कालाहांडी और नुआपाड़ा जैसे पड़ोसी जिलों में भी एहतियाती इंतजाम किए गए हैं।
मंत्री ने बताया कि संवेदनशील इलाकों में 313 इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीमें तैनात की गई हैं। इनमें ओडिशा डिजास्टर रैपिड एक्शन फोर्स (ओडीआरएफ) की 60 टीमें, नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (एनडीआरएफ) की 9 टीमें और फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज (अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा) की 244 टीमें शामिल हैं। जिन लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की जरूरत पड़ सकती है, उनके लिए कुल 2,037 आश्रय स्थल तैयार रखे गए हैं। इनमें 141 स्थायी चक्रवात आश्रय स्थल और 1,926 अस्थायी राहत केंद्र शामिल हैं, जिनमें स्कूल और कॉलेज भी हैं।
मंत्री सुरेश पुजारी ने बताया कि जिन 4,072 गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी होने वाली थी, उनकी पहचान की गई थी। इनमें से 1,898 ऐसी महिलाएं थीं, जो 'हाई-रिस्क' (ज़्यादा जोखिम वाली) श्रेणी में थीं। उन्हें पहले ही स्वास्थ्य केंद्रों में पहुंचा दिया गया था। मंगलवार को इनमें से कुछ महिलाओं ने सुरक्षित रूप से बच्चों को जन्म भी दिया।
पुजारी ने आगे बताया कि एहतियात के तौर पर, पंजीकृत सभी 19,143 मछली पकड़ने वाली नावें वापस किनारे पर आ गई थीं। सरकार ने दक्षिणी ओडिशा में भूस्खलन (लैंडस्लाइड) की आशंका को देखते हुए भी बचाव के कदम उठाए हैं, जिसमें जरूरत पड़ने पर जोखिम वाले रास्तों को बंद करना भी शामिल है।
मंत्री ने बताया कि आठ संवेदनशील जिलों में तैनात मंत्री और अलग-अलग जगहों पर नियुक्त अधिकारी जमीनी स्तर पर स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। उन्होंने कहा कि अभी तक किसी के हताहत होने, संचार सेवाओं में रुकावट आने या लोगों को कोई बड़ी परेशानी होने की कोई खबर नहीं मिली है।
पुजारी ने कहा, "हमारी प्राथमिकता यह है कि किसी की जान न जाए। हमने लोगों की जान और संपत्ति की सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं।" उन्होंने कहा कि प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है और चक्रवात की दिशा और ओडिशा पर इसके असर को देखते हुए आगे और भी कदम उठाए जाएंगे।