200 डिफाल्टर किराएदारों पर गिरेगी गाज

Update: 2026-06-20 12:03 GMT
Shimla. शिमला। नगर निगम शिमला ने लंबे समय से किराया न चुकाने और लीज का नवीनीकरण न करवाने वाले किराएदारों के खिलाफ बड़ा अभियान छेडऩे की तैयारी कर ली है। निगम की करीब 200 दुकानों और अन्य व्यावसायिक परिसरों के किरायेदार अब कार्रवाई के दायरे में आ गए हैं। बार-बार नोटिस जारी किए जाने के बावजूद नियमों का पालन न करने वाले किराएदारों को अंतिम चेतावनी दी जाएगी। इसके बाद सबसे पहले उनकी दुकानों और भवनों की बिजली आपूर्ति काटी जाएगी और आवश्यकता पडऩे पर संपत्तियों को सील भी किया जाएगा। नगर निगम के इस फैसले से शहर के उन व्यापारियों और किरायेदारों में हडक़ंप मच गया है, जिन्होंने वर्षों से किराया जमा नहीं कराया है या फिर लीज अवधि समाप्त होने के बाद भी उसका नवीनीकरण नहीं करवाया है। निगम प्रशासन का कहना है कि सार्वजनिक संपत्तियों का उपयोग करने वाले सभी किराएदारों को निर्धारित नियमों का पालन करना अनिवार्य है और नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ अब सख्त कदम उठाए जाएंगे। नगर निगम का मानना है कि इस सख्त अभियान से करोड़ों रुपए के बकाया किराए की वसूली
संभव होगी।

साथ ही अन्य किरायेदारों को भी समय पर किराया जमा करने और लीज संबंधी औपचारिकताएं पूरी करने का संदेश जाएगा। आने वाले दिनों में राजस्व शाखा कार्रवाई को अंतिम रूप देकर नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू करेगी। बढ़ते बकाए के कारण निगम की आय हो रही प्रभावित नगर निगम ने शहर में लगभग 1200 दुकानें, भवन और अन्य व्यावसायिक संपत्तियां किराए पर दी हैं। इनसे निगम को हर वर्ष करीब छह करोड़ रुपए का राजस्व मिलता है। लेकिन बड़ी संख्या में किराएदार किराया जमा नहीं कर रहे हैं। कई किराएदारों ने लीज अवधि समाप्त होने के बाद भी आवश्यक दस्तावेज जमा नहीं किए और न ही लीज का नवीनीकरण करवाया। बढ़ते बकाए के कारण निगम की आय प्रभावित हो रही है, जिससे विकास कार्यों और नागरिक सुविधाओं पर भी असर पड़ सकता है। इसी को देखते हुए राजस्व वसूली के लिए विशेष अभियान शुरू होगा। इसके तहत सभी डिफॉल्टर किराएदारों की सूची तैयार की जा रही है और उन्हें अंतिम नोटिस जारी किए जाएंगे। निर्धारित समय सीमा के भीतर बकाया राशि जमा नहीं करने वालों के खिलाफ सीधे कार्रवाई होगी। पहले चरण में संबंधित दुकानों और परिसरों की बिजली आपूर्ति बंद की जाएगी। इसके बाद भी यदि किरायेदार नियमों का पालन नहीं करते हैं तो निगम संपत्तियों को सील करेगा। निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में किसी प्रकार की ढिलाई या विशेष छूट नहीं दी जाएगी।
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