38.5 लाख की ऑनलाइन ट्रेडिंग धोखाधड़ी में कार्रवाई, आरोपी गिरफ्तार
बड़ी कार्रवाई.
नई दिल्ली: क्राइम ब्रांच की साइबर सेल ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ऑनलाइन शेयर बाजार घोटाले के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने एक वरिष्ठ नागरिक से धोखे से 38.5 लाख ठग लिए थे। गिरफ्तार किए गए युवक की पहचान जतिन (25), पुत्र भूप सिंह, निवासी झज्जर, हरियाणा के रूप में हुई है।
इस मामले में ई-एफआईआर दर्ज की गई थी। एफआईआर भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 319 और 340 के तहत दर्ज हुई थी। शिकायतकर्ता को व्हाट्सएप के जरिए नकली स्टॉक ट्रेडिंग एप्लिकेशन जैसे 'ब्लिंकएक्स', 'स्टैंडर्ड चार्टर्ड एलीट' और 'ब्लिंकएक्स मैक्स' डाउनलोड करने के लिए कहा गया। इसके बाद उन्हें नकली निवेश सलाह समूह में जोड़ा गया।
वहां उन्हें 'आईपीओ फंडिंग' और 'लाभ निकासी' जैसे झूठे वादों के साथ निवेश करने के लिए प्रेरित किया गया। उन्होंने कई किस्तों में अलग-अलग बैंक खातों में रुपए ट्रांसफर किए। जब उन्होंने पैसे वापस मांगने की कोशिश की, तो उन्हें गिरफ्तारी और मानहानि की झूठी धमकियां दी गईं। इसके बाद भी रुपए वसूले गए।
जांच में पाया गया कि 12 मई से 18 मई के बीच आरोपी जतिन के यस बैंक खाते में शिकायतकर्ता से 19.55 लाख रुपए जमा कराए गए थे। पहले झज्जर में दो बार छापेमारी की गई। लेकिन, जतिन गिरफ्तारी से बच निकला। बाद में बहादुरगढ़, हरियाणा में उसकी मौजूदगी का पता चला। गुप्त निगरानी के बाद पुलिस टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।
जतिन अपनी पहचान छुपाने के लिए फर्जी दस्तावेज और सिम कार्ड का इस्तेमाल कर रहा था। पूछताछ में उसने बताया कि वह ग्रेजुएट है और फिटनेस ट्रेनर के रूप में काम करता था। वह सुनील नाम के एक व्यक्ति के संपर्क में आया, जिसने 50,000 रुपए कमाने का लालच देकर उससे बैंक खाता खुलवाया और उसे अपने नियंत्रण में ले लिया। यह कार्रवाई इंस्पेक्टर संदीप सिंह की देखरेख और एसीपी अनिल शर्मा के नेतृत्व में एसआई राकेश मलिक, डब्लूएसआई भाग्यश्री और अन्य पुलिसकर्मियों की टीम ने की।
राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल (एनसीआरपी) पर जांच से पता चला कि जतिन के खाते से जुड़ी 6 अन्य शिकायतें दर्ज हैं। अब तक जतिन और उसके साथियों के खिलाफ पूरे भारत में कुल 25 साइबर धोखाधड़ी की शिकायतें सामने आई हैं। फरार मुख्य साजिशकर्ता सुनील और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।