दिल्ली। दिल्ली पुलिस के एसीपी विवेक भगत और महिला पत्रकार रोजी के बीच चल रहे विवाद में नया मोड़ सामने आया है। एसीपी विवेक भगत की शिकायत पर संसद मार्ग थाने में पत्रकार रोजी सहित अन्य लोगों के खिलाफ एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। मामला 3 अक्टूबर को जंतर-मंतर के पास हुए प्रदर्शन से जुड़ा है।
 
एसीपी विवेक भगत ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि ड्यूटी के दौरान कुछ लोगों ने उनके खिलाफ जातिसूचक टिप्पणियां कीं और सार्वजनिक रूप से अपमानित किया। उन्होंने पत्रकार रोजी और उनके सहयोगी गजेंद्र सिंह सहित अन्य लोगों पर सरकारी कामकाज में बाधा डालने का भी आरोप लगाया है।
भगत अनुसूचित जाति समुदाय से आते हैं। उनका आरोप है कि महिला पत्रकार ने उनकी नेमप्लेट देखकर उनकी जाति को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की। शिकायत में उन्होंने कहा कि इस घटना से उनकी प्रतिष्ठा प्रभावित हुई और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा।
 
इससे पहले महिला पत्रकार ने एसीपी विवेक भगत पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। इस शिकायत की जांच दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को सौंपी गई है। आरोप सामने आने के बाद भगत ने जांच पूरी होने तक अतिरिक्त डीसीपी का कार्यभार स्थगित रखने का अनुरोध किया था।
 
जानकारी के अनुसार, 13 अक्टूबर को दर्ज एफआईआर में एससी-एसटी एक्ट के साथ भारतीय न्याय संहिता की धारा 221, 356(2) और 3(5) भी लगाई गई हैं। इस विवाद में दोनों पक्षों की ओर से आरोप लगाए गए हैं। फिलहाल पत्रकार की शिकायत और एसीपी की ओर से दर्ज कराए गए मामले में जांच जारी है। किसी भी पक्ष के आरोप अभी न्यायिक रूप से सिद्ध नहीं हुए हैं।
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