एक्सीडेंट’ का झांसा, फिर लाखों की लूट! छारा गैंग का आरोपी गिरफ्तार
50 लाख की लूट का खुलासा
Ahmedabad अहमदाबाद। गुजरात पुलिस की अहमदाबाद सिटी क्राइम ब्रांच ने 'छारा गैंग' के कथित सदस्य और कई मामलों में वांछित 35 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ लूट, चोरी और गुजरात कंट्रोल ऑफ टेररिज्म एंड ऑर्गनाइज्ड क्राइम कानून के तहत कुल सात मामले दर्ज हैं। पुलिस ने उसके पास से 8.68 लाख रुपए मूल्य की नकदी और अन्य सामान भी बरामद किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान विशाल उर्फ भाऊ तनवानी के रूप में हुई है। उसे कृष्णा नगर पुलिस स्टेशन में दर्ज उस मामले में गिरफ्तार किया गया, जिसमें एक आंगड़िया फर्म के 50 लाख रुपए नकद ले जा रहे व्यक्ति से कथित रूप से लूट की गई थी।
पुलिस के अनुसार, पीड़ित कृष्णा नगर क्षेत्र में एडीसी बैंक के सामने स्थित मारुति प्लाजा के पास से अपनी कार में जा रहा था। इसी दौरान आरोपी और उसके साथियों ने झूठा दावा किया कि उसकी गाड़ी का एक्सीडेंट हो गया है और उसे रोक लिया। जब पीड़ित उनसे बहस में उलझा हुआ था, तभी एक अन्य आरोपी ने कार का शीशा तोड़कर उसमें रखा नकद लेकर फरार हो गया। इसके बाद तीनों आरोपी मौके से भाग निकले। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी सरखेज, बोपाल, ओढव, सोला हाईकोर्ट और एलिसब्रिज पुलिस थानों में दर्ज मामलों में भी वांछित था।
इन सात मामलों में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत लूट, चोरी और अन्य संबंधित अपराध शामिल हैं। क्राइम ब्रांच के अनुसार, आरोपी और उसके साथी एक संगठित गिरोह के रूप में काम करते थे। वे पहले आंगड़िया फर्मों की गतिविधियों पर नजर रखते थे और नकदी लेकर चलने वाले लोगों की रेकी करते थे। पुलिस का आरोप है कि आरोपी मोटरसाइकिल पर ऐसे लोगों का पीछा करते थे और दुर्घटना या किसी विवाद का बहाना बनाकर उन्हें रोकते थे। जब गिरोह का एक सदस्य पीड़ित को बातों में उलझाकर रखता था, तब अन्य सदस्य एलन-की की मदद से दोपहिया वाहन की डिक्की खोलकर नकदी और कीमती सामान चोरी कर लेते थे।
कारों को निशाना बनाने के मामलों में आरोपी चालक का ध्यान भटकाकर आगे की सीट पर रखे नकदी वाले बैग चुरा लेते थे। पुलिस के अनुसार, गिरोह पार्क की गई कारों को भी निशाना बनाता था। वे शीशा तोड़ने वाले विशेष उपकरण से कार की खिड़कियां तोड़कर अंदर रखा सामान चुरा लेते थे। पहचान छिपाने के लिए आरोपी हेलमेट पहनते थे, चेहरे पर रुमाल बांधते थे, वारदात के दौरान कपड़े बदल लेते थे और मोटरसाइकिलों की नंबर प्लेट भी बदल देते थे। क्राइम ब्रांच ने आरोपी के पास से 7.5 लाख रुपए नकद, 18 हजार रुपए कीमत के दो मोबाइल फोन, एक लाख रुपए की मोटरसाइकिल, शीशा तोड़ने का उपकरण, एलन-की और एक हेलमेट बरामद किया है। जब्त सामान की कुल कीमत 8.68 लाख रुपए आंकी गई है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, विशाल उर्फ भाऊ के खिलाफ पहले भी नवरंगपुरा, ओढव, वस्त्रापुर, अडालज और वाडज पुलिस थानों सहित दिल्ली के उत्तर जिले के कश्मीरी गेट पुलिस स्टेशन में भी मामले दर्ज हैं।
इन मामलों में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के तहत चोरी, लूट और आपराधिक साजिश जैसी धाराएं शामिल हैं।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए संबंधित पुलिस अधिकारियों को सौंप दिया गया है।