अमेठी। उत्तर प्रदेश की राजनीति में बुधवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। समाजवादी पार्टी से निष्कासित विधायक अभय सिंह ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सदस्यता ग्रहण कर ली। अमेठी के गौरीगंज में आयोजित कार्यक्रम में भाजपा की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की मौजूदगी में अभय सिंह आधिकारिक रूप से पार्टी में शामिल हुए। उनके साथ विधायक राकेश प्रताप सिंह और विनोद चतुर्वेदी ने भी भाजपा का दामन थामा।
 अभय सिंह अयोध्या जिले की गोसाईगंज विधानसभा सीट से विधायक हैं। वह समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे थे। हालांकि, पिछले कुछ समय से उनके और सपा नेतृत्व के बीच राजनीतिक मतभेद चल रहे थे। वर्ष 2024 के राज्यसभा चुनाव में अभय सिंह ने भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में मतदान किया था। इसके बाद समाजवादी पार्टी के साथ उनकी दूरियां और बढ़ गई थीं। जून 2025 में पार्टी ने उन्हें निष्कासित कर दिया था।
अभय सिंह का नाम पहले भी आपराधिक मामलों और विवादों को लेकर चर्चा में रहा है। हालांकि, उनके खिलाफ दर्ज मामलों की वर्तमान कानूनी स्थिति और मुख्तार अंसारी गिरोह से कथित संबंधों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। भाजपा में शामिल होने से पहले अभय सिंह समर्थकों के साथ अमेठी के लिए रवाना हुए थे। गौरीगंज में आयोजित सदस्यता कार्यक्रम में भाजपा के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान अभय सिंह ने समाजवादी पार्टी से अलग होने के कारणों का उल्लेख किया। उन्होंने भाजपा के साथ मिलकर आगामी विधानसभा चुनाव में काम करने की बात कही। उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में तीन विधायकों का भाजपा में शामिल होना प्रदेश के राजनीतिक घटनाक्रमों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
Tags: