नई दिल्ली: दिल्ली की एक महिला ने उबर की लगातार दो राइड के दौरान खुद को असुरक्षित, परेशान और मानसिक रूप से डरा देने वाला अनुभव होने का दावा किया है. यह मामला इंस्टाग्राम पर किए गए उनके वायरल पोस्ट के बाद सामने आया. सिमरन मोंगा नाम की महिला ने अपनी पोस्ट में कंपनी पर सीधा निशाना साधते हुए लिखा, “जब मैंने दूसरी उबर यह कहकर कैंसल की कि ड्राइवर ऑफ-ऐप राइड करने को कह रहा था, तब जो 15.80 रुपये काटे गए, वो भी वापस चाहिए.”
सिमरन ने कई स्लाइड्स में पूरी घटना बताई और उबर इंडिया को टैग करते हुए लिखा, “@uberindia आप महिलाओं को असुरक्षित महसूस कराने का तरीका जानते हैं.” उन्होंने कहा कि वह पिछले कई सालों से खराब सर्विस अनुभव सोशल मीडिया पर शेयर करने से बचती रही हैं, लेकिन इस घटना ने उन्हें बोलने पर मजबूर कर दिया. उन्होंने लिखा, “मैंने कई सालों से कोई खराब अनुभव शेयर नहीं किया, लेकिन इस बार मजबूर करना पड़ रहा.”
महिला के अनुसार पहली राइड रात करीब 9 बजे अपने दोस्त के घर से घर जाने के लिए बुक की थी. ड्राइवर एक “बहुत खराब हालत” वाली गाड़ी लेकर पहुंचा. उन्होंने लिखा कि अब गाड़ियों की खराब स्थिति चौंकाने वाली बात नहीं रही. कार में बैठते ही ड्राइवर ट्रैफिक के लिए उन्हें दोष देने लगा और रूखे अंदाज में बात करता रहा.
उन्होंने बताया कि कई बार ड्राइवर से खिड़की बंद करने को कहा ताकि धुएं और स्मॉग से बच सकें, लेकिन उसने अनदेखा किया. कुछ ही मिनट बाद स्थिति और बिगड़ गई. सिमरन ने लिखा, “5 मिनट बाद वह जैसे भ्रम में आने लगा और मुझ पर चिल्लाया कि मैं उसे ऐसी जगह मुड़ने को कह रही हूं जहां वह नहीं जाना चाहता.” उन्होंने साफ किया कि उस समय वह चुप बैठी थीं.
महिला के मुताबिक सबसे डरावना पल तब आया जब ड्राइवर ने अचानक मुख्य सड़क छोड़कर गाड़ी एक अंधेरी गली में मोड़ दी. उन्होंने लिखा, “वह बिल्कुल पिच डार्क जगह थी.” उन्होंने तुरंत पूछा कि वह मैप वाला रास्ता छोड़कर क्यों गया और मुख्य सड़क पर लौटने को कहा. ड्राइवर चिल्लाने लगा और कहने लगा कि उन्होंने ही उस रास्ते से जाने को कहा था.
इसके बाद ड्राइवर ने अजीब बात कही. “दो मिनट चुप रहने के बाद उसने अपना कान पकड़कर कहा- सॉरी, मुझे आपकी एनर्जी से लगा कि आपने दूसरी रोड लेने को कहा.” सिमरन ने इसे बेहद अजीब बताया. उन्होंने यह भी लिखा कि ड्राइवर की आंखें बार-बार बंद हो रही थीं और वह उन्हें खोलने के लिए जूझता दिखा.
डर के कारण सिमरन ने तुरंत अपनी ड्रॉप लोकेशन बदलकर पास के एक मॉल की कर दी. उन्होंने लिखा, “वह आसपास की एकमात्र भीड़भाड़ वाली जगह थी.” वह जल्दी से कार से उतरीं. लेकिन परेशानी यहीं खत्म नहीं हुई.
मॉल से घर जाने के लिए उन्होंने दूसरी उबर बुक की. दूसरे ड्राइवर ने उन्हें 200 मीटर दूर मुख्य सड़क तक पैदल आने को कहा, जिसे उन्होंने अंधेरा और सुरक्षा कारणों से मना कर दिया. उन्होंने लिखा, “मैंने कहा कि मॉल के गेट से ही पिक करें, वहां से 200 मीटर चलना मेरे लिए सुरक्षित नहीं.”
जब उन्होंने राइड कैंसल करने की बात कही तो ड्राइवर तुरंत वहां पहुंच गया. तब उन्होंने देखा कि कार की नंबर प्लेट ऐप में दिख रहे नंबर से मेल नहीं खा रही थी. उन्होंने राइड कैंसल कर दी और कार में बैठने से मना कर दिया.
महिला के अनुसार ड्राइवर उनसे गाड़ी में बैठने की गुहार लगाने लगा और आधार कार्ड दिखाकर भरोसा करने को कहने लगा. उन्होंने लिखा, “वह गाड़ी से उतरकर मेरे पीछे-पीछे मॉल के अंदर आ गया और भरोसा करने की विनती करता रहा.” मना करने के बाद भी वह उनका नाम लेकर आवाज लगाता रहा और गाड़ी में बैठने को कहता रहा.
उन्होंने बताया कि ड्राइवर एस्केलेटर तक उनका पीछा करता रहा और करीब 10 मिनट तक बाहर गाड़ी खड़ी रखी. इस वजह से उन्हें उसके जाने तक मॉल के अंदर ही रुकना पड़ा.
उबर को टैग करते हुए सिमरन ने लिखा कि ऐसे अनुभव सार्वजनिक जगहों पर महिलाओं के डर को और बढ़ाते हैं. उन्होंने लिखा, “एक महिला के तौर पर कई बार सार्वजनिक जगहों पर असुरक्षित और शारीरिक रूप से परेशान महसूस किया है, जैसे मेरी जानने वाली लगभग हर महिला ने किया है.” उन्होंने कहा कि ऐसे अनुभवों के कारण वह खासकर रात में पब्लिक ट्रांसपोर्ट लेते समय ज्यादा सतर्क रहती हैं.
उन्होंने लिखा कि किसी भी बड़ी कंपनी से सेवा लेते समय सुरक्षा, शालीनता और न्यूनतम मानक जरूरी हैं. उन्होंने उबर पर आरोप लगाया कि कंपनी कमर्शियल फायदे के लिए बैकग्राउंड चेक, ट्रेनिंग, प्रोफेशनलिज्म और एथिक्स के सबसे कम मानक रखती है. साथ ही कहा कि अब वह इस सेवा का इस्तेमाल सुरक्षित घर पहुंचने के लिए नहीं करेंगी.
इस पोस्ट के वायरल होने के बाद यूजर्स ने तीखी प्रतिक्रिया दी. कई लोगों ने गुस्सा और चिंता जताई. एक यूजर ने लिखा, “सोच भी नहीं सकता कि आप कितनी डरी होंगी, यह बहुत डरावना है. आपको हिम्मत और सहारा मिले.” दूसरे यूजर ने लिखा, “महिलाओं के लिए अलग कैब सर्विस होनी चाहिए, जिसमें सिर्फ महिला ड्राइवर हों. उबर के अलावा कोई और शुरू करे.”
कमेंट सेक्शन में कई महिलाओं ने अपने भी खराब अनुभव साझा किए, जिससे महिलाओं की सुरक्षा, ड्राइवर वेरिफिकेशन और राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म की जवाबदेही पर चर्चा शुरू हो गई.