महिलाओं की सुरक्षा पर बड़ा कदम, 2,947 बस मार्शल तैनात, 2.53 लाख CCTV से निगरानी
Delhi दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर सरकार की ओर से किए जा रहे इंतजामों की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि राजधानी में सार्वजनिक परिवहन, सड़कों, स्कूलों और सहायता केंद्रों के माध्यम से सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की बसों में 2,947 बस मार्शल तैनात हैं, जबकि 56 महिला विशेष बसें संचालित की जा रही हैं। इसके अलावा सार्वजनिक स्थानों की निगरानी के लिए 2.53 लाख से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार का उद्देश्य महिलाओं और बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है। सरकार चाहती है कि संकट की स्थिति में किसी भी महिला या बच्चे को सहायता के लिए भटकना न पड़े। इसके लिए हेल्पलाइन सेवाओं, महिला आश्रय गृहों, वन स्टॉप सेंटर और कामकाजी महिलाओं के लिए आवास सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, दिल्ली में महिलाओं की सहायता के लिए 11 वन स्टॉप सेंटर संचालित हैं। इन केंद्रों के माध्यम से जरूरतमंद महिलाओं को सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। इसके अलावा राजधानी में 15 महिला आश्रय गृह भी संचालित किए जा रहे हैं। महिला हेल्पलाइन 181 को आपातकालीन हेल्पलाइन 112 और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 सहित अन्य सहायता संस्थानों से जोड़ा गया है। घरेलू हिंसा और दहेज से जुड़े मामलों में सहायता के लिए 20 संरक्षण अधिकारी कार्यरत हैं।
दिल्ली में कामकाजी महिलाओं के लिए 14 हॉस्टल संचालित हैं, जिनकी कुल क्षमता 2,427 है। सरकार जल्द ही विश्वास नगर और रोहिणी में कामकाजी महिलाओं के लिए अतिरिक्त आवास सुविधाएं शुरू करने की तैयारी कर रही है। सार्वजनिक परिवहन में सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री ने बताया कि डीटीसी बसों में 2,947 बस मार्शल तैनात हैं। इसके अलावा 56 महिला विशेष बसें चलाई जा रही हैं। इनमें से 15 बसें शाम की पाली में संचालित होती हैं। इन बसों में शाम पांच बजे के बाद सशस्त्र महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाती है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, सभी बसों को बस प्रबंधन प्रणाली से जोड़ा गया है। नियंत्रण केंद्र के माध्यम से बसों में लगे पैनिक अलार्म, लाइव सीसीटीवी और जीपीएस की चौबीसों घंटे निगरानी की जाती है। राजधानी की सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा बढ़ाने के लिए लोक निर्माण विभाग की सड़कों पर 96 हजार स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं। इनमें 45 हजार एचपीएसवी और 51 हजार एलईडी लाइटें शामिल हैं। सरकार के अनुसार, लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत 2,53,983 सीसीटीवी कैमरे कार्यरत हैं। नागरिकों की शिकायतों के समाधान के लिए 1908 टोल-फ्री नंबर और पीडब्ल्यूडी सेवा पोर्टल की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी मुख्यमंत्री ने कई व्यवस्थाओं की जानकारी दी। दिल्ली में 30 सरकारी और 56 गैर-सरकारी बाल देखभाल संस्थान संचालित हैं। जरूरतमंद बच्चों की सहायता और पुनर्वास के लिए 11 जिला बाल संरक्षण इकाइयां काम कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली के स्कूलों में लगभग 1.5 लाख सीसीटीवी कैमरे उपलब्ध हैं। इसके अलावा रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत 1,397 स्कूलों में बच्चों को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
बाल विवाह रोकने के लिए उपमंडल मजिस्ट्रेटों को बाल विवाह निषेध अधिकारी नामित किया गया है। बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए बाल कल्याण समितियां और किशोर न्याय बोर्ड भी कार्यरत हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तीकरण, बेटियों का सम्मान और सुरक्षित समाज का निर्माण सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल सुविधाएं उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि जरूरत के समय उनका प्रभावी इस्तेमाल सुनिश्चित करना भी है। इसके लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय, नियमित निगरानी और समयबद्ध शिकायत निवारण पर ध्यान दिया जा रहा है।