मदुरै। तमिलनाडु के प्रसिद्ध मीनाक्षी अम्मन मंदिर में उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन के दौरे के दौरान बिजली गुल होने के मामले में मंदिर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। करीब दो मिनट तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने के बाद मंदिर के जूनियर इलेक्ट्रिकल इंजीनियर एस. जानकीरामन को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया है। मंदिर प्रशासन ने इसे ड्यूटी में लापरवाही से जुड़ा मामला माना है और संबंधित इंजीनियर को 15 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है। इस कार्रवाई के बाद मंदिर की बिजली व्यवस्था और वीआईपी दौरे के दौरान की गई तैयारियों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

जानकारी के अनुसार, उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन 30 अक्टूबर 2026 को तमिलनाडु के मदुरै स्थित मीनाक्षी अम्मन मंदिर पहुंचे थे। उनके साथ तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। मंदिर प्रशासन की ओर से उनका पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। इसके बाद उन्होंने देवी मीनाक्षी और भगवान सुंदरेश्वर के दर्शन किए। इसी दौरान बिजली आपूर्ति बाधित होने की घटना सामने आई।

उपराष्ट्रपति के सामने अचानक गुल हो गई बिजली

बताया जा रहा है कि उपराष्ट्रपति मंदिर में दर्शन करने के बाद मंदिर के पूर्वी गोपुरम के सामने पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान अचानक बिजली चली गई। कुछ समय बाद बिजली आपूर्ति बहाल हुई, लेकिन फिर दोबारा बाधित हुई। लगभग दो मिनट तक चली इस समस्या से वहां मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच कुछ देर के लिए असमंजस की स्थिति बन गई।

इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था और बिजली आपूर्ति को लेकर सवाल उठने लगे। चूंकि उपराष्ट्रपति देश के संवैधानिक पद पर आसीन हैं, इसलिए उनके दौरे के दौरान बिजली जैसी बुनियादी सुविधा बाधित होना प्रशासनिक स्तर पर गंभीरता से लिया गया।

पहले से जनरेटर से की गई थी बिजली की व्यवस्था

मंदिर प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की ओर से घटना को लेकर स्पष्टीकरण भी सामने आया। बताया गया कि उपराष्ट्रपति के दौरे को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर में पहले से जनरेटर के माध्यम से बिजली आपूर्ति की व्यवस्था की गई थी।

रिपोर्टों के अनुसार, दोपहर करीब 3:30 बजे से मंदिर में जनरेटर के जरिए बिजली दी जा रही थी। उपराष्ट्रपति के दर्शन और कार्यक्रम के बाद नियमित बिजली आपूर्ति पर वापस जाने के दौरान समस्या उत्पन्न हुई। जनरेटर से बिजली आपूर्ति को सामान्य बिजली लाइन पर स्थानांतरित करते समय कुछ तकनीकी परेशानी आई, जिसके कारण कुछ समय के लिए बिजली बाधित हो गई।

हालांकि, बिजली कुछ ही समय में बहाल कर दी गई थी। तमिलनाडु के बिजली विभाग के मंत्री सी.टी.आर. निर्मल कुमार ने भी नियंत्रण कक्ष में तकनीकी गड़बड़ी और बिजली आपूर्ति बदलने की प्रक्रिया को घटना की वजह बताया।

जूनियर इलेक्ट्रिकल इंजीनियर जानकीरामन निलंबित

मामले को गंभीरता से लेते हुए मीनाक्षी अम्मन मंदिर की ट्रस्टी बोर्ड अध्यक्ष आर. रुक्मणी पलनीवेल राजन ने जूनियर इलेक्ट्रिकल इंजीनियर एस. जानकीरामन के खिलाफ कार्रवाई की। उन्हें 31 अक्टूबर 2026 से अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया।

मंदिर प्रशासन की ओर से जारी आदेश में ड्यूटी के दौरान कथित लापरवाही का उल्लेख किया गया है। साथ ही संबंधित इंजीनियर को 15 दिनों के भीतर अपना लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।

यह कार्रवाई हिंदू धार्मिक एवं धर्मार्थ बंदोबस्ती अधिनियम, 1959 की धारा 56(1) के तहत की गई है। निलंबन आदेश ट्रस्टी बोर्ड की अध्यक्ष आर. रुक्मणी पलनीवेल राजन की ओर से जारी किया गया।

एक दिन पहले भी मंदिर में हुई थी बिजली कटौती

इस पूरे मामले को लेकर एक और महत्वपूर्ण बात सामने आई है। उपराष्ट्रपति के दौरे से एक दिन पहले यानी 29 अक्टूबर को भी मीनाक्षी अम्मन मंदिर में बिजली आपूर्ति बाधित होने की खबर आई थी। उस दौरान AIADMK महासचिव और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पाडी के. पलानीस्वामी मंदिर पहुंचे थे।

उनकी यात्रा के दौरान भी बिजली जाने की सूचना सामने आई थी। बताया गया कि उस समय बिजली कटौती करीब 10 मिनट तक रही थी। लगातार दो दिनों में महत्वपूर्ण लोगों के दौरों के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित होने से मंदिर की विद्युत व्यवस्था और रखरखाव को लेकर सवाल उठने लगे।

सुरक्षा और आपातकालीन व्यवस्था पर भी उठे सवाल

मीनाक्षी अम्मन मंदिर तमिलनाडु के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों में शामिल है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। त्योहारों और विशेष अवसरों पर भक्तों की संख्या और बढ़ जाती है।

ऐसे में मंदिर परिसर में निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखना आवश्यक है। विशेष रूप से बड़े अधिकारियों और संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों के दौरे के दौरान बिजली, जनरेटर और अन्य वैकल्पिक व्यवस्थाओं की जांच पहले से की जाती है।

इस घटना ने यह सवाल भी खड़ा किया है कि जब उपराष्ट्रपति के दौरे के लिए जनरेटर की व्यवस्था की गई थी, तब बिजली आपूर्ति बदलने के दौरान समस्या क्यों आई और क्या सभी वैकल्पिक इंतजामों की पर्याप्त जांच की गई थी।

मंदिर प्रशासन ने मांगा जवाब

मंदिर प्रशासन की कार्रवाई के बाद अब जूनियर इलेक्ट्रिकल इंजीनियर जानकीरामन के स्पष्टीकरण पर नजर रहेगी। उन्हें 15 दिनों के भीतर यह बताना होगा कि उपराष्ट्रपति के दौरे के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति किन परिस्थितियों में पैदा हुई और इसके लिए उनकी क्या जिम्मेदारी थी।

आगे की विभागीय कार्रवाई उनके जवाब और प्रशासनिक जांच के निष्कर्षों के आधार पर तय की जा सकती है। फिलहाल उन्हें अस्थायी रूप से निलंबित किया गया है। इसका अर्थ यह नहीं है कि जांच पूरी होने से पहले उनकी लापरवाही अंतिम रूप से सिद्ध हो गई है।

मीनाक्षी अम्मन मंदिर में दो मिनट की बिजली कटौती से शुरू हुआ यह मामला अब प्रशासनिक कार्रवाई तक पहुंच गया है। एक तरफ मंदिर प्रबंधन ने जिम्मेदारी तय करने के लिए इंजीनियर को निलंबित किया है, वहीं दूसरी तरफ बिजली आपूर्ति और वैकल्पिक व्यवस्था के रखरखाव पर भी ध्यान देने की जरूरत सामने आई है।

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