स्कूल निर्माण के दौरान बड़ा हादसा, पोर्च की छत ढहने से 10 मजदूर घायल
धांधली और भ्रष्टाचार के आरोप
Suture. सिवनी। मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में शुक्रवार को एक बड़ा हादसा हो गया। केवलारी क्षेत्र स्थित सांदीपनि स्कूल में चल रहे भवन निर्माण कार्य के दौरान ढलाई के समय पोर्च की छत अचानक भरभराकर गिर पड़ी। इस हादसे में 10 मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी मजदूर मलबे और सेंटिंग के नीचे दब गए थे, जिन्हें स्थानीय लोगों और प्रशासन की टीम ने बाहर निकालकर जिला अस्पताल में भर्ती कराया। हादसे के बाद ग्रामीणों और प्रत्यक्षदर्शियों ने निर्माण कार्य में भारी धांधली और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं।
हादसा कैसे हुआ
जानकारी के अनुसार, सांदीपनि स्कूल के नए भवन का निर्माण कार्य जारी था। शुक्रवार को भवन के पोर्च की छत की ढलाई की जा रही थी। इसी दौरान अचानक पूरी छत भरभराकर नीचे गिर गई। छत गिरने से मलबे और लोहे की सेंटिंग के नीचे काम कर रहे मजदूर दब गए। घटना इतनी अचानक हुई कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला और मौके पर अफरातफरी मच गई।
मजदूरों की चीख-पुकार, मौके पर अफरा-तफरी
छत गिरने की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग तुरंत घटनास्थल की ओर भागे। वहां पहुंचे तो मजदूर मलबे में दबे हुए थे और दर्द से कराह रहे थे। लोगों ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी। इस बीच स्थानीय लोग भी बचाव कार्य में जुट गए और मलबा हटाकर घायलों को बाहर निकाला।
राहत एवं बचाव कार्य
सूचना मिलते ही केवलारी पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। रेस्क्यू टीम ने घायलों को बाहर निकालकर तुरंत जिला अस्पताल भेजा। अस्पताल में सभी मजदूरों का इलाज जारी है। बताया जा रहा है कि कुछ मजदूरों की हालत गंभीर बनी हुई है।
गुणवत्ता पर सवाल
इस हादसे के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि स्कूल भवन का निर्माण घटिया सामग्री से किया जा रहा था। मजदूरों और स्थानीय लोगों का कहना है कि लोहे की सेंटिंग और सीमेंट-मिश्रण की गुणवत्ता बेहद खराब थी। यही वजह है कि छत ढलाई के दौरान ही ध्वस्त हो गई।
धांधली और भ्रष्टाचार का आरोप
ग्रामीणों ने निर्माण एजेंसी और ठेकेदार पर धांधली और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि निर्माण कार्य में सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है। यदि काम सही तरीके से किया गया होता, तो यह हादसा कभी नहीं होता। हादसे के बाद ग्रामीणों ने ठेकेदार और अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
जांच के आदेश
घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिक जांच में निर्माण कार्य में लापरवाही की आशंका जताई जा रही है। निर्माण एजेंसी और ठेकेदार से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। स्कूल भवन के निर्माण की निगरानी शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी है। लेकिन हादसे से यह साफ हो गया है कि निगरानी और निरीक्षण में गंभीर चूक हुई है। ग्रामीणों ने कहा कि यदि अधिकारी समय-समय पर गुणवत्ता की जांच करते तो मजदूरों की जान पर खतरा नहीं आता।
मजदूरों की सुरक्षा पर सवाल
घटना ने मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर प्रश्न खड़े किए हैं। न तो काम के दौरान कोई सेफ्टी नेट लगाया गया था और न ही मजदूरों को सुरक्षात्मक उपकरण उपलब्ध कराए गए थे। विशेषज्ञों का कहना है कि निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों का पालन न करना ही ऐसे हादसों की बड़ी वजह बनता है।