महाराजगंज। उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले से अंधविश्वास और कथित तंत्र-मंत्र से जुड़ा एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां दो महीने के मासूम बच्चे को बलि देने के कथित इरादे से अगवा कर लिया गया। हैरानी की बात यह है कि इस वारदात में बच्चे की अपनी दादी और चचेरी बुआ के शामिल होने का आरोप है। पुलिस ने 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर आरोपियों का पीछा किया और दिल्ली पहुंचकर बच्चे को सुरक्षित बरामद कर लिया।
परिवार की महिलाओं पर लगा अपहरण का आरोप
मिली जानकारी के अनुसार, दो महीने के नवजात को परिवार की ही दो महिलाएं अपने साथ लेकर चली गई थीं। इनमें बच्चे की दादी और चचेरी बुआ शामिल बताई जा रही हैं। बच्चे के अचानक गायब होने से परिवार में हड़कंप मच गया। मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और महिलाओं की तलाश में अलग-अलग स्थानों के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की।
100 से ज्यादा CCTV कैमरों से मिला सुराग
पुलिस ने बच्चे और दोनों महिलाओं की तलाश के लिए 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी। जांच के दौरान मिले सुरागों के आधार पर पुलिस महिलाओं का पीछा करते हुए दिल्ली पहुंची। इसके बाद पुलिस ने बच्चे को सुरक्षित बरामद कर लिया।
अकाल मृत्यु रोकने के लिए बलि की कथित योजना
इस मामले में सामने आई जानकारी के मुताबिक, एक नेपाली तांत्रिक ने आरोपियों के परिवार में अकाल मृत्यु रोकने के नाम पर नवजात की बलि देने के लिए कथित पूजा आयोजित की थी। बताया जा रहा है कि दीपावली की अमावस्या वाली रात बच्चे की बलि देने की योजना बनाई गई थी। फिलहाल यह मामला अंधविश्वास के नाम पर नवजात की जान को खतरे में डालने की गंभीर घटना के रूप में सामने आया है। आरोपियों की भूमिका और कथित तांत्रिक की संलिप्तता को लेकर पुलिस की जांच महत्वपूर्ण होगी।
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