तीन दिन का स्पेशल ऑपरेशन 87 फरार वारंटी गिरफ्तार
सेंट्रल जोन पुलिस का बड़ा एक्शन
Raipur. रायपुर। राजधानी में फरार वारंटियों के खिलाफ सेंट्रल जोन पुलिस ने बड़ा अभियान चलाया है। तीन दिनों तक चले विशेष वारंट अभियान में पुलिस ने कुल 87 वारंटियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया। इनमें 49 स्थायी वारंट और 38 गिरफ्तारी वारंट की तामील की गई। अभियान में आर्म्स एक्ट, मारपीट और अन्य हिंसक अपराधों से जुड़े मामलों में फरार चल रहे वारंटियों पर विशेष फोकस रखा गया। रायपुर कमिश्नरेट के सेंट्रल जोन क्षेत्र में अपराधों की रोकथाम और फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है।
इसी क्रम में डीसीपी सेंट्रल जोन तारकेश्वर पटेल के निर्देशन और एडिशनल डीसीपी विवेक शुक्ला के मार्गदर्शन में सेंट्रल जोन के सभी थाना क्षेत्रों में तीन दिवसीय विशेष अभियान चलाया गया। अभियान के लिए अलग-अलग पुलिस टीमों को फरार वारंटियों की तलाश में लगाया गया। पुलिस ने वारंटियों के संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई और लगातार दबिश देकर उन्हें पकड़ा। गिरफ्तार किए गए वारंटियों को कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद संबंधित न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
49 स्थायी वारंट की तामील
तीन दिवसीय अभियान के दौरान कुल 49 स्थायी वारंट तामील किए गए। इसमें कोतवाली थाना पुलिस ने 4, गोलबाजार ने 5, मौदहापारा ने 5, गंज थाना पुलिस ने 7, सिविल लाइन ने सबसे अधिक 18, तेलीबांधा ने 4 और देवेंद्र नगर थाना पुलिस ने 6 स्थायी वारंटियों को पकड़ा। सिविल लाइन थाना क्षेत्र में स्थायी वारंटियों के खिलाफ सबसे अधिक कार्रवाई दर्ज की गई। यहां अकेले 18 स्थायी वारंट की तामील हुई।
38 गिरफ्तारी वारंट भी तामील
अभियान में 38 गिरफ्तारी वारंट की भी तामील की गई। कोतवाली पुलिस ने 9, गोलबाजार ने 7, मौदहापारा ने 2, गंज ने 7, तेलीबांधा ने 3 और देवेंद्र नगर थाना पुलिस ने 10 गिरफ्तारी वारंट तामील किए। इस तरह स्थायी और गिरफ्तारी वारंट मिलाकर तीन दिनों में कुल 87 वारंट तामील किए गए। पुलिस के मुताबिक अभियान के दौरान उन वारंटियों पर विशेष नजर रखी गई, जो आर्म्स एक्ट, मारपीट और दूसरे हिंसक अपराधों से संबंधित मामलों में फरार चल रहे थे।
संबंधित थाना पुलिस की टीमों ने लगातार पतासाजी करते हुए आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश दी। वारंट जारी होने के बावजूद लंबे समय से पुलिस और न्यायालय के सामने उपस्थित नहीं होने वाले लोगों की जानकारी भी जुटाई गई। पुलिस का उद्देश्य ऐसे फरार लोगों को पकड़कर न्यायालय के सामने प्रस्तुत करने के साथ अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाना है।
डीसीपी सेंट्रल जोन तारकेश्वर पटेल ने स्पष्ट किया है कि फरार आरोपियों और वारंटियों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। विशेष रूप से गंभीर और हिंसक अपराधों में शामिल लोगों की गतिविधियों पर निगरानी रखी जाएगी। पुलिस के मुताबिक कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बनने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ भी प्रभावी वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी। तीन दिवसीय अभियान के बाद अब अलग-अलग थाना क्षेत्रों में अन्य फरार वारंटियों की तलाश और उनके संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।