चंबा। जिला चंबा में बुधवार को लगातार दूसरे दिन भी मानसून की भारी बारिश का कहर जारी रहा। मूसलाधार बारिश और भूस्खलन के कारण सडक़, बिजली और पेयजल व्यवस्थाएं बुरी तरह प्रभावित हुईं। प्रभावित क्षेत्रों में जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा, जबकि संबंधित विभागों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। बारिश के कारण जिले में 83 सडक़ें यातायात के लिए बंद रहीं।
इनमें चंबा मंडल की 19, डलहौजी की 5, तीसा की 15, सलूणी की 8, भरमौर की 12 और भटियात की 19 सडक़ें शामिल हैं। लोक निर्माण विभाग ने युद्धस्तर पर बहाली कार्य शुरू किया और बुधवार शाम तक 60 सडक़ें दोबारा खोल दीं। फिलहाल 23 मार्गों पर यातायात अब भी बाधित है, जिनमें चंबा की 5, तीसा की 2, भरमौर की 4 और भटियात की 12 सडक़ें शामिल हैं। भूस्खलन के कारण भटियात उपमंडल में 15 बिजली ट्रांसफार्मर भी बंद हो गए। बिजली बोर्ड ने इनमें से 11 ट्रांसफार्मरों को बहाल कर बिजली आपूर्ति शुरू कर दी है, जबकि शेष चार ट्रांसफार्मरों की मरम्मत का कार्य जारी है।