नाबालिग को देह व्यापार में धकेलने वालों पर एक्शन, 8 आरोपी गिरफ्तार
सेक्स रैकेट का खुलासा.
हैदराबाद: तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में एक नाबालिग लड़की की तस्करी, दुष्कर्म और देह व्यापार का मामला सामने आया है. इस मामले में पुलिस ने 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने 6 मोबाइल फोन और अपराध में इस्तेमाल किया गया एक ऑटो भी जब्त किया है.
5 अक्टूबर को पीड़ित नाबालिग अत्तापुर स्थित एक सेक्स रैकेट के ठिकाने से किसी तरह जान बचाकर अपने घर वापस लौटी. इसके बाद उसने अपने परिजनों को अपनी आपबीती सुनाई और तोलीचौकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई.
जांच में सामने आया कि ये घटना 2 सितंबर की है, जब मुख्य आरोपी शेख आतिफ ने एक सोची-समझी साजिश के तहत पीड़ित को तोलीचौकी से ऑटो में बैठाया और अत्तापुर ले जाकर छोड़ दिया. आतिफ ने उस लड़की को आफरीन उर्फ सना और समरीन बेगम नाम की दो महिलाओं को सौंप दिया. इन दोनों महिलाओं ने खाने और रहने का लालच देकर उस बच्ची को साबिया बेगम के हवाले कर दिया, जिसे पुलिस ने अत्तापुर में पिलर नंबर 200 के पास चल रहे देह व्यापार के अड्डे की मुख्य संचालिका बताया है.
पुलिस ने बताया कि साबिया बेगम ने पीड़ित को सौंपने की एवज में आतिफ, सना और समरीन को 30,000 रुपये दिए थे, जिसे आपस में बांट लिया गया था. इसके बाद नाबालिग को जबरन वेश्यावृत्ति के धंधे में झोंक दिया गया और कई लोगों ने उसका यौन शोषण किया. जब पीड़िता ने वहां से जाने की जिद की, तो साबिया ने उसे धमकाते हुए कहा कि दूसरे लोगों ने उसे वेश्यावृत्ति में धकेलने के लिए पहले ही पैसे ले लिए हैं.
इस गंदे धंधे में ग्राहकों को लाने और दूसरी गतिविधियों में मदद करने वाले चार आरोपियों- मोहम्मद हाजीमिया, मो. नदीम, मो. कैफुद्दीन और अली बिन अकरम के शामिल होने की खबर भी सामने आई है.
पुलिस ने 9 अक्टूबर को सभी 8 आरोपियों- शेख आतिफ, साबिया बेगम, मोहम्मद हाजीमिया, आफरीन उर्फ सना, समरीन बेगम, मो. नदीम, मो. कैफुद्दीन और अली बिन अकरम को गिरफ्तार कर अदालत के सामने पेश किया. मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS), पोक्सो (POCSO) अधिनियम और अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम (ITPA) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है. गोलकुंडा जोन के डीसीपी जे. राघवेन्द्र रेड्डी के नेतृत्व और स्थानीय पुलिस अधिकारियों की टीम इस पूरे रैकेट के वित्तीय लेन-देन और बाकी कड़ियों की गहराई से जांच कर रही है.