पीएम मोदी के जन्मदिन पर MP में एक साथ रोशन होंगे 58 लाख दीप, कई शहरों में खास आयोजन
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर को मध्य प्रदेश में बड़े स्तर पर दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। ‘सेवा-संकल्प अभियान’ के तहत शाम 7 बजे प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में एक साथ दीप जलाने की तैयारी है। अभियान की शुरुआत इसी आयोजन के साथ होगी। इसके लिए धार्मिक स्थलों, नदी घाटों, शहरों के प्रमुख स्थानों और लाभार्थी परिवारों को कार्यक्रम से जोड़ने की योजना बनाई गई है। राज्यभर में 58 लाख से अधिक दीप जलाने की तैयारी है।
उज्जैन में सबसे बड़ा आयोजन
उज्जैन इस पूरे कार्यक्रम का प्रमुख केंद्र रहेगा। महाकाल महालोक और शिप्रा नदी के घाटों पर 25 लाख से ज्यादा दीप प्रज्ज्वलित करने की तैयारी की गई है। कार्यक्रम में सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं के साथ आम लोगों की भागीदारी भी रखी गई है। घाटों पर दीपों की व्यवस्था अलग-अलग हिस्सों में की जा रही है, ताकि निर्धारित समय पर बड़े स्तर पर दीप प्रज्ज्वलन किया जा सके। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी उज्जैन के कार्यक्रम में शामिल होंगे।
उज्जैन में आयोजन को व्यवस्थित तरीके से पूरा करने के लिए क्षेत्र को अलग-अलग सेक्टर और ब्लॉक में बांटने की तैयारी की गई है। स्थानीय प्रशासन की ओर से स्वयंसेवकों और सामाजिक संगठनों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जा रही है। कार्यक्रम के दौरान शिप्रा के घाटों और महाकाल महालोक क्षेत्र में दीपों की रोशनी दिखाई देगी।
इंदौर, भोपाल और अन्य शहरों में भी तैयारी
इंदौर के ऐतिहासिक राजबाड़ा क्षेत्र में करीब ढाई लाख दीप जलाए जाएंगे। इसके अलावा सरकारी योजनाओं का लाभ लेने वाले परिवारों के घरों में भी दीप प्रज्ज्वलित किए जाने की योजना है। भोपाल समेत प्रदेश के दूसरे शहरों में नदी घाटों, मंदिरों और प्रमुख सार्वजनिक स्थानों को आयोजन से जोड़ा जाएगा।
‘आशीर्वाद का दीपक’ कार्यक्रम के तहत लाभार्थी परिवारों की भागीदारी भी रखी गई है। ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों के वार्ड स्तर तक आयोजन पहुंचाने की तैयारी है। इस तरह दीप प्रज्ज्वलन को केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रखा जाएगा।
अनूपपुर के अमरकंटक में रामघाट पर 21 हजार दीप जलाने की तैयारी है। यहां दक्षिणी तट पर 11 हजार और उत्तरी तट पर 10 हजार दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। इसके साथ महाआरती, स्वच्छता श्रमदान, पौधारोपण और रक्तदान शिविर जैसे कार्यक्रम भी प्रस्तावित हैं।
बैतूल जिले के मुलताई में ताप्ती नदी के किनारे करीब 6 हजार दीप जलाए जाएंगे। इसके अलावा शहर के 15 वार्डों में 500-500 दीप लगाए जाने की योजना है। इससे कुल संख्या लगभग 7,500 दीप तक पहुंचेगी। नगर पालिका की ओर से आयोजन की तैयारियां की जा रही हैं।
खजुराहो से उमरिया तक रोशन होंगे प्रमुख स्थल
खजुराहो में पश्चिमी मंदिर समूह परिसर में करीब एक लाख दीप जलाने की तैयारी है। कंदरिया महादेव मंदिर के सामने प्रांगण में विशेष दीपोत्सव आयोजित किया जाएगा। इसके लिए स्थानीय समूहों से दीप मंगाए गए हैं और आयोजन स्थल पर रंगोली के जरिए भारत का नक्शा तथा मंदिर की आकृति तैयार करने की योजना है।
उमरिया में भी अलग-अलग स्थानों पर दीप प्रज्ज्वलन होगा। खलेसर घाट सहित प्रमुख धार्मिक और सार्वजनिक स्थलों को आयोजन से जोड़ा गया है। ग्राम पंचायतों और वार्डों में भी ‘आशीर्वाद के दीप’ जलाने की तैयारी है। इसके अलावा जबलपुर के गौरी घाट, ग्वालियर के विभिन्न स्थानीय निकाय क्षेत्रों, रतलाम, नर्मदापुरम के सेठानी घाट, गुना के हनुमान टेकरी और रायसेन के महामाया चौक में भी कार्यक्रम प्रस्तावित हैं।
‘सेवा-संकल्प अभियान’ 17 सितंबर से शुरू होकर 17 अक्टूबर तक चलाया जाएगा। दीप प्रज्ज्वलन के बाद अभियान के तहत जनभागीदारी, सेवा गतिविधियों और विभिन्न सरकारी योजनाओं से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाने हैं।